बंगलादेश के साथ जमीन की अदला-बदली करने का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ऐलान भाजपा को ही भारी पड़ने लगा है। आब भाजपा आलाकमान अपने सांसदों को मामले की गंभीरता समझाने में जुटा है।
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने असम के सांसदों से कहा है कि पीएम के ऐलान के बाद पार्टी इस मामले में कदम पीछे नहीं खींच सकती। लेकिन, समझौते की रफ्तार जरूर धीमी होगी। शाह ने भाजपा सांसदों को आश्वस्त किया है कि असम की जनता को विश्वास में लेने के बाद ही सरकार कदम बढ़ाएगी।
इससे पहले मंगलवार को संसदीय दल की बैठक के बाद असम के सांसदों ने पीएम से भेंट की थी। बताया जाता है कि असम के भाजपा सांसदों को एक साथ अपनी ओर आते देख पीएम मोदी ने माजरा भांप लिया था।
सांसद उनसे कुछ कहते इससे पहले पीएम ने उनसे कहा कि उन्हें मालूम है कि बांग्लादेश के साथ भूमि समझौते के उनके ऐलान के बाद असम में माहौल बिगड़ा हुआ है। वहां सियासी आग लगी हुई है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की स्थिति पर उनकी पूरी नजर है। पीएम ने भाजपा सांसदों से कहा कि वे पार्टी अध्यक्ष शाह से मिलें। इसके बाद ही शाह ने बुधवार देर शाम पूर्वोत्तर के भाजपा सांसदों से मुलाकात की।