राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सहयोगी संगठन मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने पहली बार इफ्तार की दावत दी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी निमंत्रण भेजा, हालांकि वे नहीं आए।
मोदी ने रोजा इफ्तार सरीखे धार्मिक आयोजनों से दूरी बना रखी है, फिर भी उम्मीद थी कि वे मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की दावत में शामिल होंगे, लेकिन वे शामिल नहीं हुए। संघ प्रचारक एवं मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के संरक्षक इंद्रेश कुमार ने कहा है कि यह आयोजन दुनिया को शांति, सद्भाव और भाईचारे का संदेश देने के लिए था।
संसद भवन एनेक्सी में आयोजित मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के रोजा इफ्तार में वैसे तो 16 विदेशी दूतावास के राजनयिकों ने शिरकत की। मगर अपनों की अनुपस्थिति आयोजकों को जरूर खली है।