जम्मू-कश्मीर चुनाव में अलगाववादियों को ठेंगा दिखाकर आवाम की चुनाव में सफल हिस्सेदारी और घाटी में लोकतंत्र की मजबूत होती जड़ से परेशान पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियां अपनी कश्मीर नीति में बड़ा बदलाव कर रही हैं।
भारतीय एजेंसियों ने भी पाकिस्तान के संभावित पैतरों को भांपते हुए काट की तैयारी शुरू कर दी है। खुफिया एजेंसियों ने सरकार को सतर्क किया है कि इस सफल चुनाव के बाद राज्य में ठोस और स्थायी सरकार नहीं बन पाई तो पाकिस्तान को घाटी में नए जटिल हालात पैदा करने में काफी मदद मिलेगी।
खुफिया एजेंसी (आईबी) के एक उच्चपदस्थ सूत्र ने अमर उजाला को बताया कि जम्मू-कश्मीर में 1987 के चुनाव में धांधली के आरोपों और लोकतंत्र के असफल प्रयोग ने पाकिस्तान को घाटी में आतंकवाद की जड़ जमाने का मौका दे दिया था।