कांग्रेस हाईकमान के विरोध में उनकी ही पार्टी के नेताओं की ओर से एक के बाद एक बगावती आवाजें उठ रही हैं। पूर्व केंद्रीय वित्तमंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम ने अब कांग्रेस हाईकमान पर निशाना साधा है।
टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार, कार्ति चिदंबरम बुधवार को अपने निर्वाचन क्षेत्र में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि कांग्रेस पार्टी को अपनी आला कमान संस्कृति पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय नेता दिल्ली से मिलने वाले आदेश का इंतजार नहीं कर सकते।
उन्होंने कहा कि दिल्ली तमिलनाडु की समस्याएं नहीं हल कर सकती। मंगलवार को तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी की आत्ममंथन बैठक के एक दिन बाद बुधवार को उन्होंने कहा कि पार्टी में क्षेत्रीय स्तर के सुधार के बजाए पूरी पार्टी में ही सुधार की जरूरत है।
हालांकि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने उनके इस बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
के चिदंबरम को दिग्विजय की नसीहत
पी चिदंबरम के बेटे के बयान के जवाब में दिग्विजय सिंह ने कहा है कि जिसे पार्टी की विचारधारा पर भरोसा नहीं है उसे पार्टी छोड़ देनी चाहिए। हालांकि उन्होंने किसी नेता का नाम नहीं लिया।
कांग्रेस नेताओं का पार्टी के खिलाफ बयान देने का पहला मामला नहीं है। इससे पहले पी चिदंबरम खुद गांधी परिवार के बाहर से कांग्रेस अध्यक्ष होने की संभावना जता चुके हैं।
कांग्रेस के कुछ नेताओं ने न सिर्फ पार्टी विरोधी बयान ही नहीं पार्टी भी छोड़ दी है। तमिलनाडु से तालुक रखने वाले वरिष्ठ कांग्रेसी नेता जीके वासन ने हाल ही में कांग्रेस पार्टी छोड़ खुद की पार्टी बनाने का ऐलान किया है।
इससे पहले कांग्रेस के कई और नेता पार्टी हाई कमान और राहुल गांधी का मजाक बना चुके हैं।
किसने नेता ने क्या कहा?
हाल में पार्टी से निलंबित किए कांग्रेस पूर्व सांसद गुफरान ए आजम ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी का काफी ज्यादा मजाक बनाया था।
उन्होंने कहा था कि कांग्रेस अध्यक्षा पिछले 10 सालों से जबरदस्ती राहुल गांधी को राजनीति में आजमा रही हैं। जबकि वे 10 सालों में बोलने की कला भी नहीं सीख पाए।
इतना ही नहीं उन्होंने कहा था कि सोनिया गांधी को पार्टी से ज्यादा अपने बेटे का ख्याल रहता है और हर मां-बाप अपने बच्चे को कुछ बनते हुए देखना चाहता है।
इसके अलावा केरल से भी एक वरिष्ठ कांग्रेसी नेता टीएच मुस्तफा ने राहुल गांधी को जोकर कहकर उनका मजाक बनाया था और इस पर उन्हें पार्टी छोड़नी पड़ी थी।