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यूपीः सलीम पतला के बारे में एक और चौंकाने वाला खुलासा

Thu, 06 Nov 2014 09:44 PM IST
पुनीत शर्मा/अमर उजाला, मुरादाबाद
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इक्कीस साल तक खुफिया एजेंसियों की आंखों में धूल झोंकने वाला सलीम पतला कम्युनल आतंकवाद का मास्टरमाइंड माना जाता है। सलीम ने उत्तर प्रदेश के सभी संवेदनशील जनपदों में अपना नेटवर्क खड़ा कर लिया था। उसके गुर्गे किसी भी शहर में दंगा कराने में माहिर हैं। सलीम बांग्लादेश के एक दुर्दांत आतंकी संगठन से गोला बारूद लेता था। आतंकियों के लिए हथियारों का भी वह बड़ा सप्लायर रहा है। खुफिया एजेंसियां अब इन सभी बिंदुओं पर बारीकी से जांच कर रही हैं।
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सलीम पतला, सलीम मोटा और जब्बार। यह वह दहशतगर्द थे जिनका नाम 27 जनवरी 1993 को मेरठ पीएसी बम कांड में सामने आया था। सलीम पतला तो फरार हो गया था जबकि बाकी सभी आतंकी गिरफ्तार कर लिए गए थे। सलीम पतला की तलाश में एसटीएफ और एटीएस को लगाया गया था। वह हाथ तो नहीं आया लेकिन उसका नेटवर्क  समय समय पर सामने आता रहा।

उस समय खुफिया एजेंसियों को जो जानकारी मिली थी उसके मुताबिक सलीम ने एक ऐसा गैंग तैयार कर लिया था जो कहीं भी दो वर्गों को लड़ाकर दंगा करा सकता था। प्रदेश के सभी संवेदनशील जनपदों में उसका नेटवर्क था। हालांकि इन इक्कीस वर्षों के भीतर किसी मामले में उसका नाम तो सामने नहीं आया लेकिन माना जा रहा है कि वह बड़ी खामोशी के साथ आतंकियों के लिए काम कर रहा था।
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हूजी को गोला बारूद और असलहा बरामद कराता था पतला

पूर्व डीजीपी और 1993 में मेरठ के एसएसपी रहे और मौजूदा समय में सिविल डिफेंस के डीजी ब्रजलाल ने बताया कि उस वक्त सलीम पतला का जो पूरा नेटवर्क सामने आया था वह कम्युनल आतंकवादी जैसा था। इन लोगों ने पीएसी की पोस्ट पर चाइनीज ग्रेनेड और स्टिक ग्रेनेड से हमला किया था। इनकी निशानदेही पर भारी मात्रा में आरडीएक्स भी बरामद हुआ था। सुरक्षा एजेंसियों को जो जानकारी मिली उसके मुताबिक बांग्लादेश के दुर्दांत आतंकी संगठन हूजी से सलीम के रिश्ते रहे हैं। हूजी ही सलीम को गोला बारूद और असलहे बरामद कराता था।

खून के छींटों से पकड़े गए थे पतला के साथी
मेरठ के तत्कालीन एसएसपी ब्रजलाल के मुताबिक, छब्बीस जनवरी 1993 की शाम का वक्त था। अचानक धमाका हुआ। पीएसी की पोस्ट पर ग्रेनेड फेंका गया था। एक जवान की मौत हो गई थी। क्योंकि वह रात का वक्त था लिहाजा सुबह को जब छानबीन शुरू हुई तो जगह जगह खून की छींटे पड़े थे। खून के छींटों को देखकर फोर्स मेरठ के इस्लामाबाद इलाके तक पहुंच गई थी। वहां जब्बार को गिरफ्तार कर लिया गया था जबकि बाकी लोग फरार हो गए थे।

जब्बार ने ही बताया था कि सलीम पतला और सलीम मोटा समेत सात लोग इस हमले में शामिल थे। दरअसल जब ग्रेनेड फटा था तो एक आतंकवादी का पैर भी जख्मी हो गया था। इस मामले में ब्रजलाल ने गवाही भी दी।
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