मुसलमानों को मतदान से रोकने संबंधी शिवसेना के बयान के बाद देश की राजनीति में भूचाल आ गया है। शिवसेना के इस बयान पर विपक्षी दलों ने उसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
अभी तक जहां अन्य राजनीतिक दल शिवसेना के इस बयान का कड़ा विरोध कर रहे थे वहीं उसकी सहयोगी भाजपा ने भी उसके बयान की निंदा की है। मुसलमानों पर विवादित टिप्पणी कर शिवसेना हर तरफ से घिरती नजर आ रही है।
हालांकि शिवसेना के मुखपत्र सामना में मुसलमानों पर यह विवादित लेख लिखने वाले शिवसेना सांसद संजय राउत अभी भी अपने बयान पर अड़े हैं। उनका कहना है कि सभी राजनीति दलों ने मुसलमानों का केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया है। वहीं उनके इस विवादित बयान के बाद एमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने सीधे सीधे उन्हें चुनौती दे दी है।