कापसहेड़ा में पटवारी के स्टिंग ऑपरेशन में फंसने के बाद राजस्व विभाग ने अपने सभी अधिकारियों को आवेदनों पर तय समय में काम करने का निर्देश जारी किया है।
विभाग ने कहा है कि अधिकारी तय समय में काम करें और किसी वजह से अगर काम नहीं हुआ है तो उसका कारण बताएं। यही नहीं, उपायुक्त कार्यालयों में आवेदकों की मदद के लिए हेल्प डेस्क खोलने के लिए कहा गया है।
दिल्ली में राजस्व विभाग के कुल 11 जिले हैं। इसका काम 9 जिला उपायुक्त कार्यालयों से होता है।
विभाग के अंतर्गत संपत्ति पंजीकरण से लेकर शादी पंजीकरण, जाति, आय और विकलांगता समेत अन्य प्रमाण पत्र बनाए जाते हैं। यह इकलौता विभाग है, जहां सिटीजन चार्टर लागू है।
यानी सभी कार्यों को आवेदन के बाद तय समय में पूरा करना है। इसमें शादी पंजीकरण के लिए 7 दिन तो अन्य प्रमाण पत्रों के लिए 10 दिन से एक माह तक का समय तय है।
यही नहीं, स्टेटस जानने के लिए विभाग ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विस लेवल एग्रीमेंट (ई-एसएलए) भी लागू की है। यानी आवेदन के बाद आपका स्टेटस क्या है, यह ऑनलाइन चेक किया जा सकता है।
स्टिंग में फंसने के बाद विभाग की नींद अब टूटी है और अपने जिला उपायुक्त कार्यालयों को निर्देश जारी कार्यप्रणाली में सुधार लाने को कहा है।