सरकार की ना नुकुर के बीच प्याज की कीमतें फिर आसमान छूने लगी हैं। पिछले एक महीने में ही दिल्ली और उसके आसपास के शहरों में जहां प्याज की कीमतों में 25 फीसदी तक का इजाफा हो चुका है वहीं देश के अन्य राज्यों में तो इसकी कीमतें दोगुनी तक बढ़ गई है।
मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में भी प्याज आम आदमी की पहुंच से बाहर होती जा रही है। वहीं सरकार का दावा है कि देश में प्याज की कोई कमी नहीं है केवल कालाबाजारी की वजह से कुछ जगह दिक्कत आ रही है।
हालांकि सरकार बेशक जो दावे करे लेकिन इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि प्याज के बढ़ते दामों ने आम आदमी की आंखों में आंसू लाने शुरू कर दिए हैं।
जानकारों के अनुसार दिल्ली की थोक मंडी में ही इसकी कीमत पिछले एक महीने में 36 रुपये से बढ़कर 45 रुपये तक पहुंच चुकी है। दो सरकारी एजेंसी नेफ्ड और एसएफएसी रोजाना दिल्ली में सप्लाई के लिए सौ टन के करीब प्याज मुहैया कराती हैं।
उत्पादक राज्य महाराष्ट्र भी महंगी हुई प्याज
प्याज की किल्लत को देखते हुए दोनों एजेंसियों ने दिल्ली सरकार के लिए पहले ही 25 सौ टन प्याज की खरीद करके रखी हुई है। प्रदेश सरकार भी प्याज की बढ़ती कीमतों को थामने के लिए इन्हें फेयर प्राइस शॉप पर बेचने की तैयारी कर रही है। जिससे आम आदमी को जायज कीमत में प्याज मिल सके।
अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार बीते सप्ताह उपभोक्ता मंत्रालय के सचिव सी विश्वनाथ की अध्यक्षता में हुई बैठक में भी दिल्ली सरकार के प्रतिनिधि ने केन्द्र को जानकारी दी कि राज्य कैबिनेट की बैठक में मंगलवार को प्याज की बिक्री खुद करने का निर्णय लिया गया है, जिससे इसकी लगातार बढ़ती कीमतों पर लगाम लग सके।
जानकारी के अनुसार दिल्ली में रोजाना 800-1000 टन प्याज की खपत होती है। ऐसे में इतनी खपत के बीच कीमतों को थामना भी एक बड़ी चुनौती है। वैसे जानकारों की मानें तो कीमत बढ़ने के पीछे इसका एक कारण कम आपूर्ति भी है, जो एक सालाना क्रम है।
वहीं, मुंबई में भी प्याज की कीमत अब 40 रुपये के पार पहुंच चुकी है। पिछले एक महीने में ही इसकी कीमत कम से कम 14 रुपये तक बढ़ चुकी है। यह हाल तब है जबकि महाराष्ट्र प्याज का एक बड़ा उत्पादक राज्य है। ऐसे में यही हाल रहा तो सरकार को प्याज का आयात भी करना पड़ सकता है।
पासवान बोले नहीं है प्याज की कोई कमीं
हालांकि केन्द्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मंत्री रामविलास पासवान ने कहा है कि देश में प्याज की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बाजार में बढ़ रहे प्याज के दामों के लिए राज्य सरकार व कालाबाजारी करने वालों को जिम्मेदार ठहराया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में प्याज का उत्पादन संतोषप्रद हुआ है और प्याज का भंडार भी काफी है। ऐसे में राज्य सरकारों की ओर से कालाबाजारी पर कार्रवाई नहीं करने के कारण प्याज का दाम बढ़ रहा है। वैसे पासवान ने माना कि सरकार के पास प्याज को रखने के लिए प्रयाप्त कोल्ड स्टोरेज नहीं है।
कुछ राज्यों में तो इनकी संख्या बहुत कम है। जिन राज्यों में है भी, वहां निजी स्तर पर बने हैं। ऐसे में राज्य की जिम्मेदारी बनती है कि प्रशासन कालाबाजारी पर सख्त रवैया अपनाए।