परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को लगभग डेढ़ दशक तक गलत राष्ट्रगान पढ़ाया जाता रहा। बेसिक शिक्षा विभाग की हर पुस्तक में राष्ट्रगान की पंक्ति ‘पंजाब सिंध गुजरात मराठा’ में सिंध की जगह ‘सिंधु’ लिखा गया था और बच्चे यही पढ़ते भी रहे।
लापरवाही की हद ये रही कि 2001 में यह गलती पकड़ में भी आ गई, लेकिन इसे सुधारने में 14 साल लग गए। इस बार सही शब्द सिंध बेसिक शिक्षा विभाग की पुस्तकों में छपकर आया है।
पुस्तकों में प्रकाशित राष्ट्रगान में यह त्रुटि कब से चली आ रही है, इसकी सही जानकारी तो किसी को नहीं है, लेकिन 2001 में त्रुटि पूर्ण राष्ट्रगान प्रकाशित होने की बात पकड़ में आई थी। 2009 में पुस्तकों की समीक्षा के दौरान इस पर चर्चा में भी हुई और राज्य शैक्षिक अनुसंधान परिषद (एससीईआरटी) ने इस बाबत प्रमाण मांगे थे।