पासपोर्ट के लिए जरूरी दस्तावेजों को अब ऑनलाइन ही क्लीयर कर दिया जाएगा।
पासपोर्ट पाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे लोगों को दस्तावेजों के ई-सत्यापन की सुविधा राहत दे सकती है। वहीं पासपोर्ट सेवा केंद्र के अधिकारियों को ज्यादातर मामले अपने स्तर पर सुलझाने के लिए उन्हें सशक्त बनाने से भी आम जनता को काफी राहत मिलेगी।
पासपोर्ट सेवा योजना के पहले चरण में सामर्ने आई समस्याओं को देखते हुए विदेश मंत्रालय से संबंधित संसद की स्थायी समिति ने सरकार से इसकी सिफारिश की है। समिति ने सरकार से पासपोर्ट सेवाओं को सुलभ बनाने की मांग करते हुए दूसरे चरण में इन समस्याओं पर विशेष ध्यान देने को कहा है।
समिति का कहना है कि दस्तावेज पूरे नहीं होने के कारण आवेदनकर्ताओं को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसलिए दस्तावेजों का ई-सत्यापन होना चाहिए। इसके अलावा आवेदकों का मार्गदर्शन किया जाना चाहिए ताकि वे क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय या पुलिस स्टेशन में संबंधित अधिकारी से मिलकर समाधान निकाल सकें।
समिति का कहना है कि वेबसाइट पर आवेदन की स्थिति जानने की सुविधा भले ही शुरू हो गई है लेकिन आवेदक को इस माध्यम से पूरी जानकारी नहीं मिल पाती है। अनदेखी के कारण वेबसाइट को नियमित रूप से अपडेट नहीं किया जाता है।