कम ऊर्जा में तेज सफेद रोशनी देने वाली ब्लू एलईडी (लाइट एमिटिंग डायोड) लाइट की खोज करने वाले तीन वैज्ञानिकों को इस साल के भौतिकी का नोबेल पुरस्कार देने की घोषणा की गई है।
पर्यावरण अनुकूल यह लाइट बनाने वाले इसामू अकासाकी और हिरोशी अमानो जहां जापान के हैं, वहीं शुजी नाकामुरा अमेरिकी नागरिक हैं। हालांकि तीनों का जन्म जापान में ही हुआ था।
नोबेल पुरस्कार देने वाली संस्था रॉयल स्वीडिश अकादमी ऑफ साइंस ने इनके आविष्कार को 21वीं सदी की महान खोज करार दिया। अकादमी ने कहा, जिस तरह 20वीं सदी में बल्ब रोशनी का सबसे बड़ा स्रोत था, उसी तरह एलईडी लाइट 21वीं सदी में रोशनी का सबसे बड़ा जरिया होगी।
अकादमी ने कहा कि रोशनी का यह स्रोत पुराने स्रोत के मुकाबले ज्यादा चमकदार, स्वच्छ और टिकाऊ है। यह ऊर्जा बचाने के साथ लाखों लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में मदद करेगा। इन तीनों को इसी साल 10 दिसंबर को स्टॉकहोम में 11 लाख अमेरिकी डॉलर का यह पुरस्कार दिया जाएगा।