दिल्ली-एनसीआर समेत पूरा उत्तर भारत मंगलवार को भी सूरज से बरसती आग में झुलसता रहा।
राजधानी दिल्ली में पारा 47 डिग्री के करीब पहुंच गया।
ऐसा पिछले दस साल के दौरान दूसरी बार ही है, जब मई में दिल्ली में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। 18 मई, 2010 को दिल्ली का अधिकतम तापमान 45.4 डिग्री तक पहुंचा था।
लू के गर्म थपेड़ों से दिल्ली-एनसीआर से लेकर उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश में भी लोग बेहाल रहे।
इन राज्यों में अधिकतम तापमान 4 से 6 डिग्री तक ऊपर चल रहा है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिन गंभीर लू की चेतावनी जारी की है। हालांकि सप्ताह के अंत में मामूली राहत के संकेत भी हैं।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में 24 मई को होने वाली मौसमी हलचलों के कारण जम्मू-कश्मीर, हिमाचल व उत्तराखंड से 25 मई को लू खत्म होने और मैदानी इलाकों के तापमान में एक-दो डिग्री की गिरावट होने की संभावना है।
मंगलवार को एनसीआर में सबसे ज्यादा तापमान दिल्ली के पालम केंद्र पर 46.7 डिग्री दर्ज किया गया। आयानगर में भी पारा 46 डिग्री पहुंच गया।
इसके अलावा दिल्ली के नरेला, नजफगढ़, उत्तरी दिल्ली के रिज केंद्र के साथ ही हरियाणा के गुड़गांव, फरीदाबाद, रोहतक और नूह केंद्र में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया।
दिल्ली के सफदरजंग में अधिकतम तापमान सामान्य से 5 डिग्री ऊपर 45.1 व न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री ऊपर 28 दर्ज किया गया।
हवा में नमी की न्यूनतम मात्रा भी 16 फीसदी दर्ज की गई, जो सोमवार को 19 फीसदी थी। नमी घटने से हवा अधिक गर्म हो जाती है।
वैसे मई में सबसे अधिक गर्मी का रिकॉर्ड 29 मई, 1944 का है, जब तापमान 47.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
एनसीआर का पारा
जगह-----------------------------डिग्री सेल्सियस
फरीदाबाद-------------------------45.8
गुड़गांव---------------------------45.3
दिल्ली----------------------------45.1
नोएडा----------------------------44.1
गाजियाबाद-----------------------43.8
रोहतक---------------------------45.3
मेरठ-----------------------------41.1
सोनीपत--------------------------44.0
नूह-----------------------------45.0