रक्षा मंत्री एके एंटनी ने इस बात से इंकार किया है कि सरकार में अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर सौदे में दलाली के मुद्दे पर कोई मतभेद है। एंटनी ने अपने इस्तीफे की अटकलों को गलत बताते हुए कहा कि वह संसद के बजट सत्र के दौरान इस मुद्दे पर बहस को तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार के पास इस डील में छुपाने को कुछ नहीं है। इस मामले पर अपने दुख का इजहार करते हुए एंटनी ने कहा कि रक्षा सौदों में पारदर्शिता की तमाम कोशिशों के बावजूद उन पर घूसखोरी के आरोप लग रहे हैं।
उधर, सीबीआई और रक्षा मंत्रालय के अधिकारी इस मामले की जांच के सिलसिले में इटली पहुंच गए हैं। सरकार ने जानकारी दी है कि सीबीआई पूरी तैयारी के साथ गई है ताकि किसी तकनीकी वजह से उन्हें खाली हाथ न लौटना पड़े।
बजट सत्र के दौरान हेलीकॉप्टर सौदेबाजी के मुद्दे पर विपक्ष की ओर से घेरे जाने की आशंका से ग्रसित सरकार के वरिष्ठ मंत्री इस मुद्दे का जवाब संसद में ही देने की बात कह कर खुद के साफ होने का संदेश देने में जुट गए हैं। सोमवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बाद मंगलवार को एंटनी और विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि सरकार के पास इस मामले में छुपाने के लिए कुछ नहीं है।
एंटनी के मुताबिक हेलीकॉप्टर सौदे में किसी तरह की राजनीतिक दखलंदाजी नहीं हुई है। यह पूरी तरह जरूरत के आधार पर लिया गया फैसला था। एंटनी ने साफ किया कि घूसखोरी के खुलासे के बाद इस मामले में मंत्रियों के बीच किसी तरह का कोई मतभेद नहीं है। सभी फैसले आपसी सहमति से लिए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि हेलीकॉप्टर घूसकांड के सामने आने के बाद रक्षा मंत्रालय के डील को रद्द करने की कार्रवाई शुरू करने पर प्रधानमंत्री कार्यालय और विदेश मंत्री के बीच मतभेद की बातें सामने आ रही थीं।