उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री आजम खान के एक बयान से दुनिया भर में मुहब्बत के प्रतीक के तौर पर मशहूर ताजमहल पर सियासत शुरू हो गई है।
दरअसल, खान ने जहां ताजमहल को पुरातत्व विभाग से लेकर यूपी वक्फ बोर्ड के हवाले करने की मांग की है तो लखनऊ ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद राशिद ने ताजमहल को नमाज अता करने के लिए पूरी तरह से खोलने को कहा है।
भाजपा ने इन मांगों पर नाराजगी जाहिर करते हुए ताजमहल को सियासत से दूर रखने की नसीहत दी है। पार्टी ने कहा है कि ताजमहल परिसर में स्थित मस्जिद में शुक्रवार को पांचों वक्त की नमाज अता की जाती है। इस स्थिति में परिवर्तन का सवाल ही पैदा नहीं होता।