फौजिया अंसारी तीन सालों से अपने बेटे की तलाश कर रही थीं, जो मुंबई से यह कहकर रवाना हुआ था कि वह अफगानिस्तान में नौकरी करने जा रहा है। हालांकि चंद दिनों बाद ही खबर आई कि वह एक लड़की की तलाश में पाकिस्तान चला गया। और उस खबर के बाद बीते गुरुवार से पहले तक उसकी कोई खबर नहीं आई। गुरुवार की अल सुबह फौजिया को खबर मिली की उसका बेटा नेहाल हामिद अंसारी पाकिस्तानी सेना की कस्टडी में है।
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पाकिस्तान के अपने वकील के जरिए फौजिया ने जानकारी की तस्दीक की और शाम होते-होते नेहाल हामिद अंसारी पर चल रहे कोर्ट मार्शल की जानकरी लाहौर उच्च न्यायालय को दी गई। फौजिया को ये पता नहीं चल पाया कि उनके बेटे पर किन आरोपों में मुकदमा चलाया जा रहा है। हालांकि उन्हें तसल्ली है कि कम से कम उनका बेटा जीवित है।
मुंबई की स्कूल टीचर फौजिया अंसारी के बेटे नेहाल हामिद अंसारी की इंटरनेट पर पाकिस्तानी लड़की से दोस्ती थी। मैनेजमेंट में स्नातक नेहल 5 नवंबर, 2012 को घर से निकला था।
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प्रेमिका की शादी रुकवाने पाकिस्तान गया था नेहाल
नेहाल ने जब घर छोड़ा, उसकी उम्र 27 वर्ष थी। उसने घर वालों से कहा था कि वह नौकरी की तलाश में अफगानिस्तान जा रहा है। हालांकि अधिकारियों और नेहाल के सहयोगियों ने बाद में बताया कि उसे पाकिस्तान की एक लड़की से प्यार हो गया, वो पाकिस्तान के कोहात इलाके में रहती थी। नेहाल ने उसकी शादी रुकवाने के लिए सीमा पार जाने का फैसला किया था। उसकी शादी किसी और मर्द के साथ तय हो गई थी।
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, भारतीय अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने पाकिस्तान उच्चायोग से मामले की जानकारी मांगी है।
मुंबई के वर्सोवा के एक अपार्टमेंट में किराए पर रहने वाली फौजिया ने बताया,"तीन सालों से हम उसकी तलाश कर रहे थे। अब जाकर उसकी जानकारी मिल पाई है। अगर सेना के हिरासत में है, तो भी हम ये जानते हैं कि उसने कुछ भी गलत नहीं किया है। उम्मीद है कि वह रिहा हो जाएगा।
सेना की हिरासत में नेहाल, चल रहा है कोर्ट मार्शल
पुलिस के मुताबिक, नेहाल को पाकिस्तान के उसके दोस्तों और परिचितों ने भरोसा दिया था कि वह अफगानिस्तान से आसानी से पाकिस्तान में घुस जाएगा। पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों का मानना है कि नेहाल को गैरकानूनी तरीके से देश में घुसने के आरोप में स्थानीय अधिकारियों ने गिरफ्तार किया होगा।
गुरुवार को पाकिस्तानी समाचार पत्र डॉन की वेबसाइट ने खबर दी कि पाकिस्तान के डिप्टी एटॉर्नी जनरल मुशर्रतुल्लाह खान ने अदालत को बताया कि नेहाल हामिद अंसारी सेना की हिरासत में और उस सैन्य अदालत में मुकदमा चल रहा है। उन्होंने पाकिस्तानी रक्षामंत्रालय की ओर से दी गई जानकारियों के आधार पर ये दावा किया था।
फौजिया अंसारी ने मामले में लाहौर उच्च न्यायालय में बंदी प्रत्याक्षिकरण याचिका यानी हैबियस कॉर्पस दाखिल की थी। डिप्टी एटॉर्नी जनरल की जानकारी के बाद फौजिया और उनके पति ने हामिद ने बताया कि वे अपने बेटे के बारे में और जानकारियों इकट्ठा करने का प्रयास कर रह हैं। हामिद अंसारी खुद भी एक वकील हैं।
घर वालों से आखिरी बार 10 नवंबर, 2012 को हुई थी बात
फौजिया ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे के साथ आखिरी बार 10 नवंबर, 2012 को बात की थी। उस समय उसने कहा था कि अफगानिस्तान आने से कोई फायदा नहीं हो पाया और वह जल्द ही वापस लौट आएगा। 15 नवंबर को फौजिया ने नेहाल से बात करने की कोशिश की, लेकिन फोन पहुंच से बाहर रहा और बात नहीं हो पाई। उन्होंने बताया कि उसके बाद वर्सोवा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।
फौजिया ने उसके बाद नेहाल के ईमेल और फेसबुक एकाउंट चेक किए। उसके एकाउंट से आखिर मेल एक लड़की को भेजा गया था, जिसका नाम 'सबा' था। मेल में उसने कहा था कि वह अट्टूभाई के साथ था।
फौजिया ने बताया कि जब उन्होंने अपने बेटे का फेसबुक एकाउंट चेक किया तो पता चला कि उसकी कुछ पाकिस्तानी नागरिकों से भी दोस्ती थी। पुलिस की जांच ने पता चला कि नेहाल ने अपनी आखिरी ईमेल पाकिस्तान से भेजा था। फौजिया ने बताया कि ये तय हो चुका था कि उनके बेटे की आखिरी 'लोकेशन' पाकिस्तान में ही थी। उन्होंने नेहाल के पाकिस्तानी मित्रों से बात करने का प्रयास भी किया, लेकिन उनकी ओर से कभी कोई जवाब नहीं आया।
निराश होकर फौजिया ने अप्रैल, 2014 में पाकिस्तान रोटरी क्लब मिडटाउन के डिस्टिक्ट गवर्नर अब्दुल रऊफ रोहिल्ला की सहायता से पाकिस्तानी अदालत ने बंदी प्रत्यक्षिकरण याचिका दायर की। उन्होंने बताया कि वे पाकिस्तान के एक पत्रकार के सपंर्क में भी थीं, जो उस इलाके में जा चुकी थी, जहां से नेहाल गायब हुआ था। उन्होंने उस लड़की के बाप से भी बात की, जिनकी तलाश में उनका बेटा पाकिस्तान गया था।
फौजिया ने बताया कि लड़की के पिता ने उनसे कहा कि उनकी बेटी की शादी हो चुकी है, और उसका फौन नबंर या किसी भी तरह का संपर्क सूत्र देने से इनकार कर दिया। फौजिया ये भी आशंका हुई कि उनके बेटे को किसी साजिश में फंसाया गया है। वो जिस पत्रकार के संपर्क में थीं, वह भी पिछले अगस्त से गायब है।
हालांकि बेटे की जानकारी मिल जाने के बाद फौजिया और उनके पति दोनों को उम्मीद है कि भारत सरकार मुकदमें उनकी मदद करेगी। उन्होंने कहा, "मैं अब अपने बेटे को देख पाऊंगी। कम से कम सरकार अब हमें वीजा देगी।" उन्होंने बताया कि वे अब तक 20 बार वीजा के लिए आवेदन कर चुकी हैं। बेटे की तलाश में अब तक वे 20 लाख रुपए भी खर्च कर चुक है, जिनमें पाकिस्तान वकीलों की फीस और कई बार दिल्ली आने-जाने का खर्च शामिल है।