महाराष्ट्र में एनसीपी और एमएनएस के बीच छिड़ी जुबान जंग अब तोड़फोड़ और पत्थरबाजी तक पहुंच गई है। आरोप है कि मंगलवार को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे के काफिले पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पथराव किया।
पुणे से 125 किमी दूर अहमदनगर जिले के भिंगार इलाके में एनसीपी कार्यकर्ताओं ने राज ठाकरे को काले झंडे भी दिखाए। खबर है कि एमएनएस कार्यकर्ताओं ने जवाब में ठाणे में एनसीपी के दफ्तर पर भी पत्थर फेंके।
इस हमले में किसी के चोटिल होने की जानकारी नहीं है। स्थानीय पुलिस इंस्पेक्टर शंकर राव देशमुख ने बताया कि मंगलवार को शाम 8.30 बजे भिंगार इलाके में 50 से अधिक एनसीपी कार्यकर्ताओं ने राज ठाकरे के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने राज के काफिले पर पथराव किया और उनका रास्ता रोकने की कोशिश की।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों का तितर-बितर कर दिया लेकिन राज के काफिले पर पथराव की खबर के बाद एमएनएस के कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए। बताया जा रहा है कि एमएनएस कार्यकर्ताओं ने अपने नेता राम कदम की अगुवाई में मुंबई में एनसीपी के खिलाफ प्रदर्शन किया। वहीं, ठाणे में भी एनसीपी कार्यालय पर पत्थर फेंके जाने की भी खबर है और इसका आरोप एमएनएस कार्यकर्ताओं पर लगा है।
क्यों ठनी है एमएनएस और एनसीपी में
महाराष्ट्र में एमएनएस अध्यक्ष राज ठाकरे और एनसीपी नेता व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के बीच इन दिनों जुबानी जंग तेज हो गई है। पिछले दिनों शोलापुर में एक सभा में राज ने अजित पवार पर निशाना साधा था। उन्होंने राज्य में पड़े सूखे के लिए लगभग नौ साल तक सिंचाई मंत्री रहे अजित पवार को जिम्मेदार ठहराया।
राज ने कहा था कि अजीत 1999 से 2009 के बीच सिंचाई मंत्री रहे। इस बीच सिंचाई पर करोड़ों रुपए खर्च किए गया लेकिन अकाल को रोकने के लिए एक भी कदम नहीं उठाए गए।
इसी आरोप से नाराज एनसीपी के कार्यकर्ता मंगलवार को अहमदनगर के भिंगार में इकट्ठा हो गए। जवाब में एमएनएस कार्यकर्ता भी बड़ी तादाद में वहां जमा हो गए। इस दौरान दोनों में नारेबाजी भी हुई। राज ठाकरे जब लगभग 8:30 बजे भिंगार पहुंचे तो उनके काफिले पर पथराव किया गया।