पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह ने यूपीए-1 के दौरान खुद को विदेश मंत्री नहीं बनाए जाने देने के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर अमेरिकी दबाव में आने का आरोप लगाया है।
उन्होंने कहा, "कमजोर नेतृत्व पर हमेशा से विदेशी शक्तियां हावी हो जाती हैं। चूंकि मनमोहन सिंह का नेतृत्व बहुत कमजोर था इसलिए अमेरिका ने न केवल मंत्रिमंडल के गठन में अपनी भूमिका निभाई, बल्कि सरकार की कई नीतियों में भी सीधा दखल दिया।"
पूर्व विदेश मंत्री ने अमेरिकी खुफिया एजेंसी की यूपीए-1 सरकार के कार्यकाल के दौरान नीतियां तय करने में अहम भूमिका निभाने का भी आरोप लगाया।
नटवर की हालिया प्रकाशित किताब 'वन लाइफ इज नॉट इनफ' में मनमोहन सिंह के साथ ही कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर भी अमेरिका के दबाव के आगे झुकने का आरोप लगाया है।
उल्लेखनीय है कि यूपीए-1 के कार्यकाल के दौरान ही तेल के बदले अनाज घोटाला संबंधी आरोप में नटवर सिंह को विदेश मंत्री की कुर्सी गंवानी पड़ी थी।