प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से झंडा फहरा दिया है। लाल किले पर प्रधानमंत्री को गॉर्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
देश आज अपना 68वां स्वंतत्रता दिवस मना रहा है। प्रधानमंत्री लाल किले की प्रचीर से देश को संबोधित कर रहे हैं। वह बिना बुलेट प्रूफ दीवारों के देश को संबोधित कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में देशवासियों को नमन किया। उन्होंने कहा, 'मैं आपके बीच प्रधानमंत्री के रूप में नहीं प्रधान सेवक के रूप में हूं।' मोदी बिना लिखा भाषण पढ़ रहे हैं।
उन्होंने अपने भाषण में देश के विकास के लिए पूर्व सरकारों और पूर्व प्रधानमंत्रियों का आभार व्यक्त किया। लाल किले की प्राचीर पिछले दस साल तक प्रधानमंत्री के रूप में मनमोहन सिंह ने देश को संबोधित किया था।
साफा बांधकर लाल किले में प्रवेश किया
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में स्वंतंत्रतासंग्राम सेनानियों को नमन करते हुए कहाकि आजादी के लिए कई पीढ़ियों ने बलिदान दिया। उन्होंने अपना जवानी और जीवन बलिदान कर दिया।
पीएम ने लाल किले में साफा बांधकर प्रवेश किया।
लाल किले पर मौजूद दर्शकों के लिए ये नया अनुभव है। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में दिल्ली में प्रधानमंत्री बनने के बाद के अपने अनुभवों को साझा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं दिल्ली में एक बाहरी आदमी हूं।
'दिल्ली के बाहर से आया हूं'
उन्होंने कहा कि मैं दिल्ली के बाहर से आया हूं, लेकिन मैंने देखा है सरकार में सामर्थ्य बहुत है। उन्होंने कहा कि चपरासी से लेकर कैबिनेट सेक्रेटरी तक हर कोई समर्थवान है, मैं उसको बढ़ाना चाहता हूं।
उन्होंने कहा कि मुझे ये पता है कि सभी सरकारी मुलाजिमों में सामर्थ्य है और मैं उसे बढ़ाऊंगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसा लगाता है कि सरकार कई दीवारों में बंटी हुई है। मुझे उन दीवारों को तोड़ना है।
प्रधानमंत्री अपने भाषण में भ्रष्टाचार, आतंकवाद, माओवाद और लिंगानुपात जैसी समस्याओं का जिक्र करना नहीं भूले हैं।
मुख्यधारा से जुड़ने की अपील
उन्होंने माओवादियों और आतंकवादियों से मुख्यधारा से जुड़ने की अपील
देश में घटते लिंगानुपात पर चिंता प्रकट करते हुए उन्होंने कहा कि कॉमनवेल्थ खेलों में भारत ने 64 पदक जीते, जिसमें 29 बेटियां हैं। हमें उन बेटियों पर गर्व है।
किसानों की आत्महत्या पर भी प्रधानमंत्री ने चिंता प्रकट की। उन्होंने गरीबों को बैंक खातों से जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री जन धन योजना की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि हर गरीब से गरीब आदमी का बैंक खाता खोला जाएगा, और एक लाख का बीमा किया जाएगा।
कम एंड मेक इन इंडिया
निर्माण सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री ने नया नारा दिया- कम एंड मेक इन इंडिया। उन्होंने कहा कि मैं दुनिया को न्योता देता हूं, भारत आई और निर्माण कीजिए।
उन्होंने देश के युवाओं से अपील की कि जीरो डिफेकट्स और जीरो इफेक्टस के साथ हम आगे बढ़े तो देश का विकास होगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि चंद सालों पहले तक लोगों को लगता था कि हिंदुस्तान सपेरों को देश है। लेकिन आईटी सेक्टर ने देश की छवि बदल दिया।
डिजिटल इंडिया का समय आ गया
उन्होंने कहा कि अब डिजिटल इंडिया का समय आ गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के लिए ब्रॉडबैंड, गरीबों के लिए टेलिमेडिसिन का प्रयोग करने का समय आ गया है।
उन्होंने कहा कि हमें डिजिटल इंडिया की ओर बढ़ना होगा। हम इलेक्ट्रॉनिक सामनों का आयात करते हैं लेकिन इसका निर्माण किया जाए तो देश की तकदीर बदल जाएगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि एक समय रेल देश को जोड़ती थी लेकिन आज आईटी जोड़ता है।
स्कूलों में टॉयलेट बनवाने के लिए अपील
प्रधानमंत्री ने सफाई की अहमियत को समझाते हुए सासंदों को सांसदनिधि का उपयोग एक साल तक स्कूलों में टॉयलेट बनवाने के लिए अपील की। उन्होंने टॉयलेटों के निर्माण के लिए प्राइवेट सेक्टर को भी आगे आने की अपील की।
प्रधानमंत्री देश में गांवों के विकास के लिए सांसद आदर्श ग्राम योजना का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि 11 अक्टूबर को योजना का ब्लूप्रिंट रखा जाएगा।
योजना आयोग के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि मौजूद समय में आर्थिक गतिविधियों का दायरा बढ़ चुका है। योजना आयोग इसमें सझम नहीं है। इसलिए योजना अयोग के स्थान पर बहुत ही कम समय एक नया संस्थान गठित किया जाएगा।
योजना आयोग के स्थान पर एक ऐसे संगठन की जरूरत
उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में विकास में राज्यों की भूमिका बढ़ गई अब संघीय ढांचे की महत्व अधिक हो गया है। अब प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की टीम विकास में अहम् भूमिका निभा सकती है। ऐसे में योजना आयोग के स्थान पर एक ऐसे संगठन की जरूरत है जो विकास की नई सोच के साथ हो।
प्रधानमंत्री ने गरीबी को खत्म करने को संकल्प लिया और गरीबी को खत्म करने के लिए सार्क देशों को भी साथ आने की अपील की।
प्रधानमंत्री ने कहा मैं देशवासियों कहना चाहता हूं कि आप 12 घंटे काम करेंगे तो मैं 13 घंटे काम करूंगा। मैं प्रधानमंत्री नहीं प्रधानसेवक हूं।