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मनतंत्र और मनीतंत्र देश के लिए सबसे बड़ा खतरा: नरेंद्र मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में जारी गतिरोध पर निशाना साधते हुए कहा कि इसकी वजह से गरीबों से जुड़े कई बिल पारित नहीं हो पा रहे। लोग ऐसा सोच रहे हैं कि वहां केवल जीएसटी बिल को लेकर ही युद्ध छिड़ा है लेकिन वो तो कभी भी पारित कराया जा सकता है लेकिन जरूरी यह की गरीबों से जुड़े बिल का पास हो जाएं।
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मोदी ने बिना नाम लिए विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग संसद नहीं चलने दे रहे हैं जो की सीधे तौर पर लोकतंत्र की हत्या है। उन्होंने कहा कि जीएसटी जब पास होगा तब होगा लेकिन संसद नहीं चलने से गरीबों का हक मर रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार गरीबों के लिए एक बोनस का बिल लेकर आई है जिससे सरकारी और गैर सरकारी कर्मचारियों को फायदा मिलेगा।

मोदी ने एक समाचार पत्र द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मनतंत्र से देश नहीं चल सकता। लोगों को अपने मन से इस बात को निकालना होगा जो यह सोचते हैं कि वो जो चाहेंगे वहीं होगा। उन्होंने मनीतंत्र पर भी हमला करते हुए कहा कि केवल पैसे से देश को नहीं चलाया जा सकता।
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छोटे व्यापारी देश के विकास में देते हैं अहम योगदान

इस दौरान उन्होंने सरकार की उपलब्धियों और उसके द्वारा चलाए जा रहे अभियानों की चर्चा भी की। उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान की चर्चा करते हुए कहा कि देश की जनता ने इसे एक जनआंदोलन का रूप दे दिया। इसके अलावा 'गिव इट अप' कार्यक्रम के तहत 52 लाख लोगों ने अपनी गैस सब्सिडी छोड़ दी।

देश के विकास में व्यापारियों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि देश में ज्यादातर लोगों को छोटे व्यापारी ही रोजगार मुहैया कराते हैं। देश में जो बड़े औद्योगिक घराने दिखते हैं वह देश की अर्थव्यवस्था नहीं संभालते बल्कि वो लोग संभालते हैं तो छोटे-छोटे धंधो के जरिए देश के विकास में अपना योगदान निभाते हैं। उन्होंने कहा कि देश के विकास के लिए भागीदारी जरूरी है। हर छोटे काम के लिए सरकार पर निर्भर रहना ठीक नहीं है।

इस दौरान उन्होंने इस बात पर भी अपनी प्रतिबद्धता जताई की वे अपनी सरकार में कोशिश करेंगे कि रोजाना एक गैर जरूरी नियम को खत्म कर दिया जाए। उन्होंने कहा, 'पांच साल के कार्यकाल में हर रोज एक कानून को खत्म करना चाहता हूं।'
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