एक स्थानीय अदालत ने आसाराम के बेटे नारायण साईं को घोषित भगोड़ा करार दिया है। सूरत की दो बहनों की ओर से पिता और पुत्र के खिलाफ यौन शोषण की शिकायत दर्ज कराने के बाद नारायण साईं फरार है।
नारायण साईं के साथ अदालत ने उसके दो सहयोगियों यमुना और हनुमान को भी भगोड़ा घोषित किया है।
फरार होने के 35 दिन बाद भी पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी है। चीफ ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट एएस गढवी ने साईं को आपराधिक दंड संहिता की धारा 82 के तहत घोषित भगोड़ा करार दिया है।
अदालत ने यह फैसला पुलिस के आवेदन पर सुनाया है। लगातार सम्मन जारी करने के बाद भी वह पुलिस के सामने हाजिर होने में नाकाम रहा है। अदालत ने उसे फरारी से 30 दिनों के अंदर हाजिर होने को कहा है।
अगर वह 30 दिनों के अंदर हाजिर नहीं होता है तो उसके खिलाफ आपराधिक दंड संहिता की धारा 83 के तहत कार्र्रवाई की जाएगी। इसमें निर्धारित अवधि के भीतर हाजिर न होने पर आरोपी की निजी संपत्ति जब्त कर ली जाती है।
साईं के खिलाफ 6 अक्टूबर को शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसके बाद 7 अक्टूबर को उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया। इससे साईं के देश छोड़ने पर रोक लग गई।
गुजरात की दो बहनों ने लगाए थे आरोप
नाबालिग के साथ यौन शोषण के आरोपों फंसने के बाद आसाराम के पुत्र पर गुजरात की दो बहनों ने बलात्कार के साथ कई संगीन आरोप लगाए थे।
मामला दर्ज होने के बाद से ही गुजरात पुलिस नारायण साईं की तलाश कर रही है। दोनों बहनों ने बलात्कार के साथ नारायण साईं पर कई और संगीन आरोप भी लगाए थे।
पीड़ित बहनों का कहना था कि नारायण साईं के आश्रम में कई अवैध काम किए जाते हैं। और आश्रम में काम करने वालों के साथ अमानवीय व्यवहार किया जाता है।