निजी आईटीआई (औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान) संचालक इस बार भी पोर्टल पर पंजीकरण न करके ओएमआर से परीक्षा फॉर्म भरवाने का रास्ता तलाश रहे हैं।
पिछले साल पोर्टल में अभ्यर्थियों की फीडिंग में दिक्कत की बात कहते हुए ओएमआर शीट से फॉर्म भरवाने का शासनादेश हुआ था। इसके बाद फर्जी अभ्यर्थियों की बाढ़ आ गई थी।
संस्थानों ने अपने यहां से उन अभ्यर्थियों को भी परीक्षा दिलवा दी जो अगले साल के लिए पंजीकृत थे। हालांकि व्यवसायिक परीक्षा परिषद की निदेशक ऐसी किसी भी आशंका से इन्कार कर रही हैं।
आईटीआई में परीक्षा से ठीक पहले अभ्यर्थियों के एडमिशन और परीक्षा में शामिल होने की शिकायत काफी दिनों से की जाती रही है।
इस पर रोक लगाने के सभी आईटीआई को स्टूडेंट्स का पंजीकरण व्यवसायिक परीक्षा परिषद के पोर्टल पर किया जाना अनिवार्य कर दिया।
जुलाई 2012 की परीक्षा में केवल उन्हीं अभ्यर्थियों को शामिल किया गया, जिन्होंने अपना पंजीकरण परिषद के पोर्टल पर करवाया।
जुलाई 2013 की परीक्षा में भी उन्हीं अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होना था, जिनका पंजीकरण पोर्टल पर था।
लेकिन परीक्षा से ठीक पहले पोर्टल में खराबी की बात कहते हुए आईटीआई को उनके यहां के स्टूडेंट्स का परीक्षा फॉर्म ओएमआर शीट से भरवाने को कह दिया गया।
इस पर बहुत से निजी आईटीआई ने फर्जी अभ्यर्थियों के फॉर्म भरवाकर परीक्षा दिलवा दी। मामला पकड़ में तब आया जब ऐसे अभ्यर्थियों ने जुलाई 2013 में ही परीक्षा दे दी जो जुलाई 2014 की परीक्षा में शामिल होेने के लिए पोर्टल पर पंजीकृत थे।
मालूम हो कि प्रदेश में 217 राजकीय आईटीआई और करीब 1000 निजी आईटीआई हैं। फीडिंग की अंतिम तिथि 15 नवंबर है। बावजूद अभी तक काफी आईटीआई ने अभ्यर्थियों की फीडिंग नहीं की है। 131 आईटीआई ऐसी हैं।
जिन्होंने अभी तक पोर्टल पर लॉग इन तक नहीं की है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि पुराने मामले की नजीर देते हुए एक बार फिर से ओएमआर के माध्यम से फॉर्म भरवाकर फर्जी अभ्यर्थियों को परीक्षा दिलवाई जाए।