मुजफ्फरनगर दंगे के बाद एक समुदाय विशेष के 1744 शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर देने के मामले में हाईकोर्ट का सख्त रुख देखते हुए सरकार ने नरमी दिखानी शुरू कर दी है।
बृहस्पतिवार को प्रदेश सरकार की ओर से अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करते हुए बताया गया कि उसने 499 शस्त्र धारकों के लाइसेंस बहाल कर दिए हैं। इनमें याची राजेंद्र सिंह समेत ऐसे सभी लोग शामिल हैं, जिनका कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं पाया गया।
याचिका पर न्यायमूर्ति तरुण अग्रवाल सुनवाई कर रहे हैं। अगली सुनवाई 13 दिसंबर को होगी। इससे पूर्व प्रदेश सरकार ने अपना जवाब दाखिल करते हुए बताया था कि शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने में कोई भेदभाव नहीं किया गया है और दूसरे समुदाय के लाइसेंस भी निरस्त किए गए हैं।
इसके बाद न्यायालय ने प्रदेश सरकार को संपूरक हलफनामा दाखिल कर बताने को कहा था कि भौंराकला, फुगाना, शाहपुर और नई मंडी थानाक्षेत्रों में कुल कितने शस्त्र लाइसेंस हैं। किस समुदाय के पास कितने लाइसेंस हैं और इनमें कितने लाइसेंस निलंबित किए गए।
बृहस्पतिवार को प्रदेश सरकार की ओर से संपूरक हलफनामा दाखिल करते हुए बताया गया कि संबंधित थाने के प्रभारियों से रिपोर्ट मंगा कर 499 शस्त्र धारकों के लाइसेंस बहाल कर दिए गए हैं। इनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं पाया गया है। इसकी सूची भी संलग्न की गई है।