जेल के प्रधान बंदीरक्षक चुन्नीलाल शर्मा की मौत के तार जेल से ही जुड़े माने जा रहे हैं। फिलहाल पुलिस को हत्यारों का कोई सुराग नहीं लगा है, लेकिन चार दिन पूर्व जेल गेट पर मिलाई के दौरान कुछ युवकों के साथ हुई कहासुनी को हत्या की वजह माना जा रहा है। डीआईजी ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर मिलाई विवाद के साथ ही अन्य बिंदुओं पर भी जांच कर हत्याकांड के जल्द खुलासे के निर्देश दिए हैं।
जेल के प्रधान बंदीरक्षक चुन्नीलाल शर्मा की शुक्रवार रात को जहां हत्या हुई थी वहां पर पिस्टल के तीन खोखे बरामद किए गए थे। अंधेरी गली होने के कारण लोगों ने हत्यारों को देखने की बात से इंकार किया था। बंदीरक्षक की सनसनीखेज हत्या की 24 घंटे बाद तक भी कोई ठोस वजह निकलकर सामने नहीं आई है। पुलिस की जांच में भी हत्यारों की बाबत अब तक किसी तरह का सुराग नहीं मिला है।
हालांकि प्रथम दृष्टया जांच में हत्या के सूत्र जेल से ही जुड़े माने जा रहे हैं। जेल सूत्रों के मुताबिक चार दिन पूर्व एक शातिर की मिलाई करने पहुंचे युवकों को चुन्नीलाल शर्मा ने जेल गेट पर ही रोक दिया था। इससे खफा युवकों ने सबके सामने बंदी रक्षक को धमकी दी थी। हालांकि जेल अफसरों के साथ ही पुलिस भी इस संबंध में कोई ठोस सुबूत हाथ नहीं लगने का दावा करते हुए ऐसे किसी विवाद की जानकारी से इंकार कर रही है।
शनिवार को घटना की जानकारी लेने पहुंचे डीआईजी अशोक कुमार राघव ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद मिलाई के विवाद को भी जांच में शामिल कर पुलिस को जल्द हत्यारों की धरपकड़ के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही बंदीरक्षक की पुरानी रंजिश और जेल के अंदर हुए किसी भी तरह के विवाद को भी केंद्र में रखकर जांच करने के निर्देश दिए गए।