समाजवादी पार्टी के नेता और कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव के नेतृत्व में कमेटी का मुजफ्फरनगर दौरा असल में सपा सुप्रीमो के दौरे से पहले की तैयारी माना जा रहा है।
दरअसल मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को दौरे के समय कई जगह विरोध झेलना पड़ा था। इसलिए सपा थिंक टैंक मुलायम सिंह यादव के दौरे के समय कोई रिस्क नहीं लेना चाहता है। इसलिए पूरे जातिगत मैनेजमेंट के साथ शिवपाल यादव का दौरा कराया गया।
शिवपाल की टीम की रिपोर्ट के बाद ही मुलायम के मुजफ्फरनगर दौरे की रूपरेखा तय होगी। स्थानीय स्तर पर भी नेताओं को रिपोर्ट हाईकमान को देने के गुपचुप निर्देश हैं।
लोगों का मन टटोलने के लिए शिवपाल यादव के नेतृत्व में तो कमेटी ने दौरा किया ही, इससे पहले भी सपा नेताओं की एक टीम लोगों के बीच लगातार जा रही थी।
हाल ही में सपा में शामिल हुए इमरान मसूद को मुस्लिम वर्ग की टोह लेने के लिए कई दिन से लगाया हुआ है। सपा ने अपने जाट नेताओं को लोगों के बीच भेजकर संदेश देने की कोशिश की थी कि पार्टी उनके हितों की अनदेखी नहीं कर रही है।
नुकसान भरपाई की घोषणा
कहा जा रहा है कि जौली नहर समेत अन्य स्थानों पर फूंके गए ट्रैक्टरों और अन्य उपरकरणों की लिस्ट गुपचुप तैयार कराई जा रही है। संभव है कि मुलायम सिंह द्वारा यहां पहुंचकर इस नुकसान की भरपाई की घोषणा की जाए।
परतापुर हवाई पट्टी पर जब जाट महासभा के प्रतिनिधिमंडल ने शिवपाल यादव से मुलाकात की तो उन्हें आश्वासन दिया कि झूठे मुकदमे वापस लिये जाएंगे। यदि सब कुछ रणनीति के हिसाब से हुआ तो संभव है कि मुलायम सिंह के दौरे के समय दोनों वर्गों के कुछ स्थानीय और रसूखदार लोगों को एक साथ बैठाकर गांव छोड़ चुके लोगों को फिर से बसाने की पहल की जाए।
दरअसल सपा नेताओं का मानना है कि नेताजी के दौरे के समय हंगामा हुआ तो संदेश अच्छा नहीं जाएगा। इसलिए पूरी तैयारी के बाद ही दौरा होगा।