राष्ट्रपति भवन में स्थित ऐतिहासिक मुगल गार्डन बसंत पंचमी (15 फरवरी) के दिन से आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। मुगल गार्डन में लगे हजारों रंग और किस्मों के फूलों, औषधियों को 17 मार्च तक सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक देख सकेंगे। 15 एकड़ में फैले मुगल गार्डन को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी आम जनता के लिए खोलेंगे। इस बार डेहरिया और छोटे चाइना ऑरेंज की पुष्प दीवारें दर्शकों का स्वागत करेंगी।
मुगल गार्डन को हर साल इन्हीं दिनों में आम जनता के दर्शनार्थ खोला जाता है। राष्ट्रपति भवन के विशेष ड्यूटी (बागवानी) निगम प्रकाश ने कहा कि इस साल का मुख्य आकर्षण 8 फीट से अधिक ऊंची डेहरिया की पुष्प दीवार होगी जोकि अपने मनभावन रंगों से दर्शकों को सम्मोहित करेगी।
इसके अलावा जमीन पर स्वदेशी नरम ‘दूब’ घास बिछाई गई है। इसके अलावा गुलाब, डेहरिया, कैलेन्डुला, गेरबेरा, लाइनेरिया, लार्कसपर, गजेनिया, बेरबेना, बिओला, पैंसी, मैरीगोल्ड, कारनेशन, मेसमब्राइंथेमम, सालविया जैसे सर्दियों में खिलने वाले फूलों की सैकड़ों किस्में यहां पर हैं। पिछले साल रिकॉर्ड संख्या में 6.5 लाख लोगों ने मुगल गार्डन देखने आए थे।
राष्ट्रपति के प्रेस सचिव वेणु राजामोनी ने बताया कि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने राष्ट्रपति भवन में आम जनता की पहुंच बढ़ाने के लिए कई नए कदम उठाए हैं। नियमित दर्शकों के अलावा इन दिनों में किसानों, विकलांग, रक्षा और पैरामिलिट्री कर्मियों के लिए विशेष दिन आयोजित किए जाएंगे।
15 एकड़ में है 12 गार्डन
राष्ट्रपति भवन में स्थित मुगल गार्डन 15 एकड़ में फैला हुआ है। मुगल गार्डन की परिकल्पना आजादी मिलने से पहले सर एडविन लुटियंस ने लेडी हार्डिग के आदेश पर की थी। इसमें अलग-अलग तरह के 12 गार्डन है।