योजना आयोग के उपाध्यक्ष मांटेक सिंह अहलूवालिया ने सार्वजनिक तौर पर अपने खोए हुए आधार कार्ड का जिक्र भर किया था। पूरा सरकारी महकमा इस काम में यूं लगा कि मांटेक को डुप्लीकेट आधार कार्ड एक घंटे से भी कम वक्त में मिल गया।
मांटेक यूआईडीएआई के एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद थे। भाषण के दौरान उनका इतना बोलना ही था कि उनका आधार कार्ड कहीं खो गया है, वहां मौजूद पूरे महकमे में डुप्लीकेट कार्ड बनाने की होड़ मच गई।
नहीं वेस्ट करना था टाइम
यूआईडीएआई के शीर्ष अधिकारियों ने संबंधित अधिकारियों को फोन घुमाने शुरू कर दिए। और तो और, उन्हें एक भी मिनट वेस्ट किए बिना डुप्टीकार्ड बनाने का हुक्म दिया गया। नतीजतन, कार्यक्रम खत्म होने से पहले ही उन्हें नया कार्ड मिल भी गया। यूआईडीएआई की एक्सप्रेस सेवा से खुश मांटेक ने कार्यक्रम के बाद अपने नए आधार कार्ड के साथ फोटो भी खिंचावाई।
लॉन्च करने गए थे तीन सेवाएं
मांटेक इस कार्यक्रम में यूआईडीएआई की तीन नई आधार इनेबल्ड सेवाएं लॉन्च करने पहुंचे थे, जिनके जरिए लोग कहीं भी, कभी भी अपनी पहचान सत्यापित कर सकेंगे। यूआईडीएआई सूत्रों की मानें तो संस्था किसी व्यक्ति के मोबाइल नंबर के आधार पर ही उसका आधार नंबर और आधार कार्ड बना सकती है।