वर्तमान सियासी सवालों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी का राज गहरा होता जा रहा है। मंगलवार को मीडिया के सामने आकर भी उन्होंने ने मौन धारण किए रखा, जिससे उनके रवैये पर सवाल उठने लगे हैं।
मंगलवार को मानसून सत्र के पहले दिन प्रधानमंत्री मोदी मीडिया के सामने जरूर आए, हालांकि पिछले कई दिनों से मीडिया में घुमड़ रहे सवाल जब उनके सामने रखे गए तो उन्हें चुप्पी साध ली। मीडियाकर्मियों ने एक के बाद एक उनसे छह सवाल किए। मोदी ने उन सवालों को अनसुना कर दिया।
उल्लेखनीय है कि मोदी सभी मुद्दों पर अपनी राय रखने के लिए मशहूर रहे है। मीडिया से उनकी दोस्ती भी पुरानी रही है और वह उनके हर सवाल का अपने अंदाज में जवाब भी देते रहे हैं।
मंगलवार को मोदी की चुप्पी पर सरकार के लोगों का कहना था कि पीएम मीडिया से बात करने के मकसद से पहुंचे थे, लेकिन सदन की गरिमा के मद्देनजर उन्होंने मन बदल दिया और सवालों का सदन के बाहर जवाब देना उचित नहीं समझा।
मीडिया स्टैंड पर खुद आए थे मोदी
हालांकि सरकार की दलील मीडिया को रास नहीं आ रही है। आलोचकों को कहना है कि संसद परिसर में मीडिया ने मोदी से जो सवाल पूछे थे, वे ऐसे नहीं थे जिनका जवाब उन्हें भारी पड़ता।
प्रधानमंत्री मोदी खुद अपने सहयोगी मंत्रियों जितेन्द्र सिंह, राजीव प्रताप रूडी और मुख्तार अब्बास नकवी के साथ संसद भवन प्रांगण में स्थित मीडिया स्टैंड के पास पहुंचे थे और टीवी कैमरों के सामने आकर खडे़ हुए। ऐसी हालत में मीडिया ने अपना फर्ज अदा करते हुए उनसे सवाल पूछा।
उन सवालों पर पीएम के पीछे खड़े उनके मंत्रियों की मंद-मंद मुस्कान छूट रही थी। मगर पीएम ने मौन धारण किए रखा। और बिना जवाब दिए मीडिया को पीठ दिखाकर सदन की ओर चल दिए।
बस पूछे गए थे ये छह सवाल
उस वक्त मौजूद मीडियाकर्मियों ने प्रधानमंत्री मोदी से जो सवाल पूछे थे, वे कुछ यूं थे-
पहला सवाल- सर ,करप्शन की बात पर आपको क्या कहना है?
दूसरा सवाल- सर, आपको सत्र चलने की उम्मीद है क्या?
तीसरा सवाल- सर, कांग्रेस ने स्थगन प्रस्ताव रखा है। क्या आप बहस के लिए तैयार हैं?
चौथा सवाल-सर, विपक्ष लगातार कह रहा है कि प्रधानमंत्री चुप्पी कब तोड़ेंगे?
पांचवा सवाल-सर, इस बार क्या उम्मीद करते हैं विपक्ष को क्या जवाब देंगे?
छठा सवाल-सर, लैंड बिल पर क्या?