आयरलैंड दौरे पर पहुंचे पीएम मोदी के स्वागत में आयरिश बच्चों ने बुधवार को संस्कृत में श्लोक पढ़े। विदेशी बच्चों के देसी प्रदर्शन पर गदगद पीएम ने भारत में खुद को धर्मनिरपेक्ष कहने वालों पर इसी बहाने निशाना भी साध डाला। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा कार्यक्रम भारत में होता तो अब तक इस पर कई सवाल खड़े कर दिए जाते।
आयरलैंड में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि यहां बच्चों ने जिस तरह संस्कृत छंदों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय संदेश दिया, उससे वह काफी प्रभावित हुए। मोदी ने कहा, ‘आयरलैंड के बच्चों ने संस्कृत में श्लोक पढ़े और स्वागत गीत गाया। इससे मुझे नहीं लगता कि उन्हें यह सब सिखाया गया था।
वे शब्दों के साथ भावनाओं को भी व्यक्त कर रहे थे। मैं उनके अध्यापकों को इसके लिए बधाई देता हूं। यह बेहद खुशी की बात है कि हम यह आयरलैंड में कर पा रहे हैं। लेकिन ऐसा कार्यक्रम अगर भारत में होता, तो धर्मनिरपेक्षता को लेकर सवाल खड़े हो जाते।’ इसके बाद पीएम ने अपने ट्वीट में कहा कि बच्चों को संस्कृत श्लोक पाठ दिल को छू गया।
कांग्रेस ने पीएम पर बोला तीखा हमला
इस बात पर जोर देते हुए कि भारत तेजी से विकास करने वाली दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है, मोदी ने कहा कि दुनिया सिर्फ भारत की बात कर रही है। अब तो लोग यह सोच रहे हैं कि 21वीं सदी भारत की होगी। उन्होंने कहा कि विश्व बैंक, आईएमएफ जैसी संस्थाओं की नजरें भी भारत पर हैं।
मोदी के इस बयान पर मुख्य विपक्षी कांग्र्रेस ने तीखा हमला बोला है। एक निजी समाचार चैनल से बात में पार्टी नेता मनीष तिवारी ने कहा कि पीएम की यह आदत बन गई है कि वह जब भी विदेश जाते हैं, तो भारत की चुटकी लेना शुरू कर देते हैं। भारत में केवल कांग्रेस ही धर्मनिरपेक्ष नहीं है। भारत का संविधान ही धर्मनिरपेक्ष है।