बेतहाशा बढ़ रही महंगाई पर हो रही किरकिरी से मोदी सरकार हरकत में आ गई है। पेट्रोल, डीजल और सब्जियों के दामों को लेकर चौतरफा आलोचना को देखते हुए सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने सरकार के सूचना अधिकारियों को रेपिड एक्शन फोर्स की तर्ज पर रेपिड रिस्पांस टीम बनाने का निर्देश दिया है।
इसका उद्देश्य सरकार को फजीहत से बचाने के लिए महंगाई को काबू करने के सरकार के निर्णयों को जनता के सामने मजबूती से रखना है ताकि जनता को इस बात का अहसास हो कि महंगाई पर सरकार हाथ पर हाथ रखकर नहीं बैठी है बल्कि उसे काबू करने के लिए पूरे कदम उठा रही है।
जनता को बताया जाए कि अंतरराष्ट्रीय कारणों और जमाखोरी की समस्या सरकार के प्रयासों के आड़े आ रही है। मंगलवार को सूचना और प्रसारण मंत्री पीआईबी के सूचना अधिकारियों से मिले।
अधिकारियों को दिए गए ये निर्देश
सूत्रों के मुताबिक जावड़ेकर ने अधिकारियों को सरकार के कदमों के बारे में तुरंत मीडिया में जानकारी देने और इसे प्रसारित करने के लिए कहा।
जावड़ेकर के कहने का आशय था कि सूचना के अभाव के चलते ही नकारात्मक खबरें आती हैं। अगर मीडिया को समय पर और पर्याप्त सूचना मिले तो नकारात्मकता को दूर किया जा सकता है।
जावडेकर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि रेपिड एक्शन फोर्स की तर्ज पर रेपिड रिस्पांस टीम बनाई जाए, जो कि सूचना के प्रवाह को तेज करें।
अफसरों को दो टूक, लेटलतीफी नहीं चलेगी
जावडेकर ने ये कहकर भी अधिकारियों की क्लास ली कि कई बार देखने को आया है कि मंत्री ट्विटर और फेसबुक में पहले अपने मंत्रालय के फैसलों और बैठकों के बारे में जानकारी डालते हैं, जबकि सूचना अधिकारी घंटों बाद इसकी जानकारी देते हैं या कई बार उस दिन नहीं बल्कि अगले दिन देते है।
उन्होंने अफसरों को साफ कह दिया कि ये लेटलतीफी नहीं चलेगी। उन्हें तीव्रता दिखानी होगी तब ही वे प्रतिस्पर्धा कर पाएंगे।