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आरटीआई के दायरे में नहीं आएगी सुप्रीम कोर्ट के जजों का मेडिकल बिल

Fri, 03 Jul 2015 12:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, दिल्ली
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सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के जजों या उनके परिवारों के मेडिकल बिल की जानकारी आरटीआई के जरिए सार्वजनिक नहीं की जा सकती।
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सुप्रीम कोर्ट के जजों के मेडिकल बिलों की जानकारी को आटीआई के जरिए दिए जाने की मांग करने वाली याचिका को खारिज करते हुए कोर्ट ने यह बात कही।

चीफ जस्टिस एच एल दत्तू ने कहा कि जजों की निजता का सम्मान किया जाना चाहिए। अगर मेडिकल बिल और दवाओं की लिस्ट दी जाती है तो कोई भी जज की बीमारी का पता लगा सकता है।
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लोगों में जाएगा गलत संदेश

फिर ये मामला कहां तक चलेगा। इससे लोगों में गलत संदेश जाएगा। इसलिए जजों या उनके परिवार की जानकारी आरटीआई के जरिए नहीं दी जा सकती।

एक्टिविस्ट सुभाष चंद्र अग्रवाल की ओर से बहस करते हुए वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि वो सिर्फ  ये जानना चाहते हैं कि पिछले तीन वर्षों में इस संबंध में कितना खर्च आया? हर नागरिक को यह जानने का हक़ है कि यह पैसे कैसे खर्च किए गए?

 अगर कोर्ट ये याचिका खारिज करता है तो गलत संदेश जाएगा। इससे पहले याचिकाकर्ता ने मुख्य सूचना अधिकारी से गुहार लगाई थी, जिसमें आदेश जारी किया गया था कि सुप्रीम कोर्ट के जजों के मेडिकल बिलों की सूचना दी जाए, लेकिन बाद में दिल्ली हाईकोर्ट ने इस आदेश को रद्द कर दिया। अग्रवाल ने हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी।
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