भारतीय खेती का कायाकल्प करने के प्रयास में मोदी सरकार ने बड़ा कदम बढ़ाया है। कैबिनेट ने 50 हजार करोड़ की प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना को मंजूरी देने के साथ राष्ट्रीय कृषि बाजार को भी हरी झंडी दे दी है।
योजना के क्रियान्वयन में कोई गड़बड़ी या लेटलतीफी न हो इसके लिए निगरानी की कमान प्रधानमंत्री के हाथों में रखी गई है। नीति आयोग के जरिए पीएम खुद इस योजना के कामकाज की निगरानी करेंगे।
पीएम मोदी की अध्यक्षता में संपन्न हुई मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने दोनों योजनाओं को मंजूरी दी थी। कैबिनेट के फैसले का ऐलान करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली और कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने कहा कि देश की कुल 14.2 करोड़ हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि में से 65 प्रतिशत में सिंचाई सुविधा नहीं है।