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उत्पाद का बेहतर मूल्य दिलाने के प्रयास में बनाया राष्ट्रीय कृषि बाजार

Thu, 02 Jul 2015 11:59 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, दिल्ली
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भारतीय खेती का कायाकल्प करने के प्रयास में मोदी सरकार ने बड़ा कदम बढ़ाया है। कैबिनेट ने 50 हजार करोड़ की प्रधानमंत्री कृषि  सिंचाई योजना को मंजूरी देने के साथ राष्ट्रीय कृषि बाजार को भी हरी झंडी दे दी है।
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योजना के क्रियान्वयन में कोई गड़बड़ी या लेटलतीफी न हो इसके लिए निगरानी की कमान प्रधानमंत्री के हाथों में रखी गई है। नीति आयोग के जरिए पीएम खुद इस योजना के कामकाज की निगरानी करेंगे।

पीएम मोदी की अध्यक्षता में संपन्न हुई मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने दोनों योजनाओं को मंजूरी दी थी। कैबिनेट के फैसले का ऐलान करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली और कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने कहा कि  देश की कुल 14.2 करोड़ हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि में से 65 प्रतिशत में सिंचाई सुविधा नहीं है।
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ताकि हर बूंद पर ली जा सके फसल

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का उद्देश्य देश के हर खेत तक किसी न किसी माध्यम से सिंचाई सुविधा सुनिश्चित करना है, ताकि हर बूंद अधिक फसल ली जा सके।

दूसरी ओर राष्ट्रीय खरीद को बढ़ावा देने और किसानों को उनके उत्पाद का वाजिब मूल्य दिलाने के प्रयास में राष्ट्रीय कृषि बाजार की मंजूरी दी गई है।

कृषि-तकनीक मूलभूत सुविधा कोष के जरिए राष्ट्रीय कृषि विपणन को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके तहत कृषि एवं सहकारिता विभाग पूरे देश में चयनित विनियमित बाजारों में उत्पाद की बिक्री के लिए इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म का निर्माण करेगा।
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ई-मंच के साथ होगा एकीकृत

परियोजना के लिए 200 करोड़ रुपये की धनराशि निर्धारित की गई है। किसान और व्यापारी देश भर में पारदर्शी तरीके से उचित दामों पर कृषि-पदार्थों की खरीद-बेच कर सकें इसके लिए 585 विनियमित बाजारों को आम ई-मंच के साथ एकीकृत किया जाएगा।

बताया जा रहा है कि इस योजना को अपनाने के लिए उत्तरप्रदेश ने भी तैयारी शुरू कर दी है।
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