उत्तर प्रदेश में सत्ता पर काबिज समाजवादी पार्टी के गढ़ चोरी की बिजली से रोशन हैं। सपा समर्थक माने जाने वाले जिलों में मैनपुरी बिजली चोरी में अव्वल है तो कन्नौज दूसरे, इटावा तीसरे और फीरोजाबाद चौथे स्थान पर है। यहां बिजली का स्विच सत्ता के हाथों में तो है ही, बिजली चोरी पर भी खुली छूट है। सपा मुखिया के गृह क्षेत्र इटावा का वितरण खंड-2 पूरे दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम (डीवीवीएनएल) क्षेत्र में सबसे ज्यादा 58 प्रतिशत तक बिजली चोरी कर रहा है।
12 जनवरी से पूरे प्रदेश में बिजली चोरी रोकने का अभियान चलने वाला है, लेकिन प्रशासन, पुलिस के साथ विद्युत विभाग के अफसरों को बिजली चोरी रोकने में सबसे ज्यादा मुश्किलें सत्ताधारी समाजवादी पार्टी के गढ़ माने जाने वाले क्षेत्रों में आएंगी, जहां पूरे डीवीवीएनएल क्षेत्र में सबसे ज्यादा चोरी हो रही है। विद्युत विभाग के इंजीनियरों के मुताबिक लाइन लॉस महज 5-7 फीसदी तक नेटवर्क के कारण होता है। बाकी पूरा आंकड़ा बिजली चोरी का है।
मैनपुरी, कन्नौज, फीरोजाबाद में सपा मुखिया के परिवार के सदस्य सांसद हैं तो इटावा सपा मुखिया का गृह जनपद। डीवीवीएनएल के तहत 21 जिलों में सपा से जुड़े जिले ही चोरी में सबसे आगे हैं। यही नहीं, इन जिलों में बिजली की आपूर्ति भी अन्य जिलों के मुकाबले ज्यादा है। दक्षिणांचल क्षेत्र में आगरा के बाद दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा बिजली इटावा को दी गई, जबकि बिल सबसे कम वसूला जा सका। इटावा को 945 मिलियन यूनिट तो फीरोजाबाद को 814 और मैनपुरी को 743 मिलियन यूनिट दी गई।