अंधविश्वास, काला जादू के खिलाफ लड़ते हुए अपनी जान गंवाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र दोभालकर का संघर्ष अब रंग लाता नजर आ रहा है।
उनकी हत्या के एक दिन बाद महाराष्ट्र सरकार ने अंधविश्वास के खिलाफ कानून बनाने के लिए अध्यादेश जारी करने का फैसला किया है।
मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार बुधवार को हुई स्टेट कैबिनेट की बैठक में अध्यादेश लाने के लिए गवर्नर के शंकरनारायणन के पास जाने का निर्णय लिया गया है।
विधेयक का ड्राफ्ट तैयार
एक या दो दिन में अध्यादेश जारी हो जाएगा। विधेयक का ड्राफ्ट तैयार है और इसे अध्यादेश में बदल दिया जाएगा। विधानसभा के अगले सत्र में इस बिल को पास करवा लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के नेतृत्व में हुई बैठक में एनसीपी के सीनियर मंत्री छगन भुजबल ने मुद्दे को उठाते हुए अध्यादेश लाने की बात कही।
अखिल भारतीय अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के श्याम मानव ने भी इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार ने सही मायने में दाभालेकर को श्रद्धांजलि दी है।
दाभोलकर लंबे समय से राज्य में अंधविश्वास को खत्म करने के लिए काम कर रहे थे। यहां तक कि 90 के दशक में उन्होंने बिल भी तैयार कर लिया था।
इसी वजह से उन्हें विरोध का सामना भी करना पड़ रहा था और मंगलवार को कुछ अज्ञात ने लोगों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी।
राज्य सरकार इस संबंध में बिल का विरोध कर रहे वरकारी संप्रदाय से चर्चा भी करेगी।
नरेंद्र का हत्यारा अभी भी फरार
सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र दाभोलकर की हत्या के विरोध में राजनीतिक पार्टियों और सामाजिक संगठनों ने बुधवार को शहर में बंद का आह्वान किया। विभिन्न स्थानों पर छात्रों और आम नागरिकों ने विरोध मार्च निकाला।
इस बीच पुलिस अभी भी हत्यारों के बारे में कोई सुराग नहीं ढूंढ सकी है। हालांकि पुलिस ने दावा किया है कि उन्हें कुछ महत्वपूर्ण जानकारी मिली है, लेकिन उसका खुलासा अभी नहीं किया जा सकता।