अनिल अंबानी को सीबीआई के गवाह के तौर पर 2जी घोटाला मामले में बृहस्पतिवार को सीबीआई अदालत में पेश होना पड़ेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को निचली अदालत में उनके पेश होने के संबंध में कोई आदेश नहीं जारी किया। जबकि पेश होने के स्थगन से जुड़े अनिल के आवेदन को ट्रायल कोर्ट खारिज कर चुकी है।
जस्टिस जीएस सिंघवी की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड की ओर से मौखिक तौर पर इस मसले पर आग्रह किया गया। लेकिन पेश होने से छूट हासिल करने का यह प्रयास सफल नहीं रहा।
पीठ ने कहा कि इस आग्रह पर अदालत तभी विचार करेगी, जब 2जी मामलों में हाईकोर्ट में सुनवाई पर रोक लगाने के दोनों आदेश वापस लेने से संबंधित याचिकाओं पर निर्णय ले लिया जाएगा।
शीर्षस्थ अदालत से कोई राहत मिलने में विफल रहने की स्थिति में अनिल अंबानी को सीबीआई कोर्ट में 22 अगस्त को पेश होना पड़ेगा।
हालांकि सर्वोच्च अदालत से कोई राहत न मिलने के बाद विभिन्न आरोपियों की ओर से पेश होने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी और मुकुल रोहतगी तत्काल अनिल और उनकी पत्नी टीना अंबानी के पेश होने की तारीख के स्थगन के लिए ट्रायल कोर्ट पहुंचे।
मगर ट्रायल कोर्ट ने भी पेश होने की तारीख बढ़ाने से इंकार कर दिया। हालांकि इससे पहले अनिल के पेश होने की तिथि को निचली अदालत ने आगे बढ़ाकर 22 अगस्त कर दिया था। जबकि पहले उन्हें 26 जुलाई को पेश होना था।
विशेष सीबीआई जज ओपी सैनी ने कहा कि मुझे ऐसा कोई कारण नहीं प्रतीत होता है कि पेश होने की तिथि को आगे बढ़ाया जाए।
याद रहे कि विशेष सीबीआई अदालत ने 19 जुलाई को रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप के (एडीएजी) चेयरमैन अनिल और उनकी पत्नी टीना अंबानी को गवाह के रूप में 26 जुलाई को पेश होने का निर्देश दिया था। इस तिथि को ट्रायल कोर्ट ने मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचने के बाद आगे बढ़ा दिया था।
ट्रायल कोर्ट ने मामले की जांच कर रही सीबीआई की अर्जी पर यह निर्देश दिया था।
एजेंसी ने आरोपी कंपनी स्वान टेलीकॉम में एडीएजी की ओर से 990 करोड़ रुपये के निवेश के लिए देश के सबसे बड़े उद्योगपतियों में शामिल अनिल अंबानी के निचली अदालत में पेश होने की मांग की थी।
उनके सहित 12 लोगों को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया गया है।