वाराणसी में दुकानदारों और छात्रों के बीच मारपीट के बाद दो छात्रों को हिरासत में लेने से गुस्साए काशी हिंदू विश्वविद्यालय के सैकड़ों छात्रों ने मंगलवार की रात 11.30 बजे लंका थाने पर धावा बोल दिया।
थाने में घुसकर कुर्सी मेज और पुलिस की जीप तोड़ दी। रविदास गेट से बीएचयू से गेट के बीच की दुकानों और वाहनों पर जमकर पथराव किया। दो एटीएम भी तोड़ डाले। आधे घंटे से भी ज्यादा समय तक हंगामा चलता रहा।
मौके पर कई थानों की पुलिस पहुंचने के बाद छात्रा वहां से भाग निकले। घटना में कई पुलिसकर्मियों को चोटें भी आई हैं। इस मामले में 150 अज्ञात छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। घटना के विरोध में दुकानदारों ने बुधवार को बंद का ऐलान किया है।
प्रेम प्रसंग का था मामला
लंका थाने के पीछे प्रफुल्ल नगर कालोनी में गर्ल्स हास्टल है। मंगलवार की रात आठ बजे बीएचयू का एक छात्र हास्टल में रहने वाली सहपाठी से मिलने गया था। दोनों हास्टल के पास के ही पार्क की चहारदीवारी पर बैठकर बातें कर रहे थे।
इस पर एक इलाकाई दुकानदार ने आपत्ति जताई और चहारदीवारी से उतरने को कहा। इसी बात पर कहासुनी होने लगी। बात बढ़ने पर दुकानदारों ने छात्र की पिटाई कर दी।
इसकी सूचना मिलने पर छात्र के दूसरे साथी भी आ गए और उन्होंने दुकानदारों को पीटना शुरू कर दिया। इसी बीच पुलिस मौके पर पहुंच गई और दो छात्रों और एक दुकानदार को हिरासत में लेकर लंका थाने पर ले आई।
थाने में तोड़फोड़
साथियों को हिरासत में लेने की खबर पाकर बीएचयू के छात्रावास के सैकड़ों की संख्या में छात्र हाकी-डंडा लेकर प्रफुल्ल नगर कालोनी में पहुंचे और दुकानों में तोड़फोड़ की।
वहां से लंका थाने पहुंचे और सीओ की जीप पर पथराव किया, थाने में घुसकर तोड़फोड़ की। छात्रों का उग्र रूप देख पुलिसकर्मी थाना छोड़कर भाग खड़े हुए। कुछ देर बाद एसपी सिटी, चार सीओ और कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची तो छात्र दुकानों पर पथराव करते हुए सिंहद्वार पहुंचे।
वहां पुलिस सहायता केंद्र बूथ तोड़ते हुए परिसर में चले गए। लंका थानाध्यक्ष विनोद यादव का कहना है कि थाने में घुसकर तोड़फोड़ करने और साथियों को छुड़ा ले जाने के मामले में 150 अज्ञात छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
एसएसपी जोगेंद्र कुमार का कहना है कि पहचान करके तोड़फोड़ करने वालों को जेल भेजा जाएगा। उधर, दुकानदारों का कहना है कि मारपीट के बाद एसओ ने मौके पर पहुंचकर मामले को संभाल लिया होता तो छात्रों का गुस्सा इस कदर नहीं भड़कता। उन्होंने छात्रों की गिरफ्तारी नहीं होने पर बुधवार को दुकानें बंद रखने का ऐलान किया है।