लोकसभा में ललित गेट-व्यापम घोटाले पर अरसे से जारी हंगामा और इस दौरान विपक्ष के मर्यादाहीन विरोध के बीच सरकार की कार्यवाही चलाने की जिद पर लोकसभा के सबसे वरिष्ठ सांसद लालकृष्ण आडवाणी का धैर्य जवाब दे ही गया।
शून्यकाल के दौरान बुरी तरह आहत और नाराज आडवाणी ने संसदीय कार्य मंत्री की ओर अचानक दोनों हाथ जोड़े और यह कह कर सदन से चलते बने कि फिर मैं जाता हूं, आपलोग सदन चलाते रहिए।
यह ठीक उस वक्त हुआ जब कांग्रेस के सदस्य सीधे स्पीकर से बहस कर रहे थे तो सदन में प्रधानमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ जबर्दस्त नारेबाजी चल रही थी।
बेचैन दिखे आडवाणी
सदन से बाहर निकलने के बाद बेहद बेचैन दिख रहे आडवाणी संसद भवन स्थित गृह मंत्री राजनाथ सिंह के चैंबर में महज चार मिनट के अंदर दो बार पहुंचे। इस दौरान खुद चैंबर का दरवाजा खोला।
राजनाथ की अनुपस्थिति में वहां उपस्थित स्टाफ से कहा सदन में अनर्थ हो रहा है। इसी बीच लॉबी में उनका सामना केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र से हुआ। मिश्र के सामने आडवाणी बुरी तरह झल्ला पड़े।
पूछा सदन में कोई मर्यादा बचेगी भी या नहीं? नायडू से कहिए सदन की कार्यवाही स्थगित कराएं। इसी दौरान उनका सामना कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ से हुआ।
उनसे बोले सदन की हालत देख कर स्तब्ध हूं। हालांकि इसके बावजूद सदन की कार्यवाही डिप्टी स्पीकर पर कागज के टुकड़े फेंके जाने तक बदस्तूर जारी रही, मगर आडवाणी ने दोबारा सदन में कदम नहीं रखा।
आडवाणी नहीं चाहते थे कार्यवाही जारी रखी जाए।
हमेशा कार्यवाही शुरू होने से पहले ही सदन में पहुंचने वाले आडवाणी हंगामा शुरू होते ही बेहद असहज दिखाई दिए। उन्हें बेचैनी से लगातार अपना पहलु बदलते देखा गया।
प्रश्नकाल के बाद शून्यकाल के दौरान जब सरकार और विपक्ष का टकराव चरम पर पहुंच गया तो आडवाणी बेहद असहज हो गए। खास कर उस दौरान जब कांग्रेस के दीपेंद्र हुड्डा स्पीकर से सीधे उलझते दिखाई दिए तो सत्ता पक्ष सोनिया गांधी और विपक्ष पीएम मोदी के खिलाफ जम कर नारेबाजी पर उतारू हो गया।
इस क्रम में आडवाणी ने बगल में बैठे गृहमंत्री और संसदीय कार्य मंत्री से बार-बार बातचीत की। वह नहीं चाहते थे कि सदन में स्थिति इस हद तक पहुंचने के बावजूद कार्यवाही जारी रखी जाए।
राजनाथ सिंह के सदन से बाहर चले जाने के बाद आडवाणी को नायडू के समक्ष नाराजगी भरे हावभाव के साथ बातचीत करते देखा गया। अचानक नाराज आडवाणी ने नायडू की तरफ हाथ जोड़े और तेज कदमों से सदन से बाहर चले गए।
कलराज से कहा सदन में कोई मर्यादा बचेगी भी या नहीं
सदन से बाहर निकलने के बाद आडवाणी तमतमाते हुए राजनाथ सिंह के चैंबर में पहुंचे। खुद दरवाजा खोल कर राजनाथ के बारे में पूछा। उनकी अनुपस्थिति की जानकारी मिलने पर वापस लॉबी में आए और बेचैनी से चहलकदमी करते हुए फिर राजनाथ के चैंबर पहुंच गए। वहां मौजूद स्टाफ से पूछा कहां हैं राजनाथजी, सदन में अनर्थ हो रहा है।
इसके बाद कलराज का सामना होते ही आडवाणी ने कहा पीएम के खिलाफ नारेबाजी हो रही है, स्थिति बदतर है। क्या सभी को सारी मर्यादा ध्वस्त होने का इंतजार है?
उन्होंने कलराज को सदन स्थगित कराने के लिए नायडू के पास भेजा। हालांकि इसके बाद भी सदन की कार्यवाही जारी रही और आडवाणी संसद से बाहर चले गए।