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100 रुपए का चेक देने वाला लेखपाल सस्पेंड

Mon, 13 Apr 2015 04:47 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
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सरकारी तंत्र मुआवजे के नाम पर किसानों के साथ कितना बड़ा मजाक कर रहा है, उसकी पोल फैजाबाद के एक छोटे से मिश्रित आबादी वाले गांव वाजिदपुर ने खोल दी। यहां कब्रिस्तान के गाटे को खेती दिखाकर 100-100 रुपये के आठ चेक बना दिए।
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अमर उजाला की तरफ से किसानों के साथ इस तरह का मजाक करने की खबर चलाने के बाद अब उस लेखपाल पर कार्रवाई की गई है, जिसने 100-100 रुपए के ये चेक बांटे थे। उस लेखपाल को सस्पेंड कर दिया गया है।

खुद प्रधान के घर के दो सदस्यों को इंतकाल के बाद भी सौ-सौ रुपये के चेक थमा दिए गए। इनके अलावा दर्जनों किसान तो ऐसे हैं, जिन्हें फूटी कौड़ी तक नहीं मिली।
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इतना ही नहीं, यूपी की कई अन्य जगहों पर किसानों को मुआवजे में 75 रुपए तक के भी चेक दिए हैं। लेखपाल को सस्पेंड करने के बाद अब फैसला लिया गया है कि मुआवजा दोबारा से तय किया जाएगा।
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'इससे अच्छा तो मर जाने देते'

बेमौसम बारिश और ओलों से बर्बाद हुई फसल के मिले मुआवजे पर किसान सवाल कर रहा है। जिस फसल को उसने खून पसीने से सींचा, उसकी कीमत सरकार ने महज सौ रुपये तक लगाई।

किसानों का कहना है कि केंद्र सरकार राहत के पैमानों को बदलकर और मुआवजे की राशि बढ़ाकर वाहवाही लूट रही है, राज्य सरकार भी दोगुने मुआवजे का ऐलान कर सीना तानकर घूम रही है, लेकिन हम क्यों पिस रहे हैं। किसान कह रहे हैं कि मुआवजे पर ऐसे मजाक से तो अच्छा है कि सरकार हमें मर जाने देते।

शासन से मिले चेक से किसान बेहद निराश और खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। कई किसान तो अपना चेक सीधे एसडीएम से लेकर मंत्रीजी के पास जा वापस करने की बात कर रहे हैं।
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