लिव इन में रहने वाले अविवाहित जोड़ों के लिए सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है। एक मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर अविवाहित जोड़ा लिव इन में एक पति-पत्नी की तरह रहते हैं तो उन्हें कानूनी रूप से विवाहित माना जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि पुरुष पार्टनर की किसी कारण से मौत हो जाती है तो उसकी महिला साथी को उसकी संपत्ति का उत्तराधिकारी मानी जाएगा।
दो जजों न्यायामूर्ति एमवाई इकबाल और न्यायमूर्ति अमितवा रॉय की बेंच ने मामले की सुनावाई करते हुए कहा कि साथ रहने वाले जोड़े अपने शादी की वैधता अधिकार मांग सकते हैं जबकि विरोधी पक्ष को इस तरह की शादी अवैध साबित करने के लिए सबूत पेश करना होगा।