रायगढ़ जिले के पड़ोस में स्थित पनवेल के एक तकनीकी संस्थान के एक लेक्चरर से एटीएस ने पूछताछ की। लेक्चरर पर इराक और सीरिया में सक्रिय आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) का युवाओं के बीच प्रचार करने का शक जताया जा रहा है।
एक एटीएस अधिकारी ने बताया कि पनवेल स्थित एक तकनीकी संस्थान के लेक्चरर से एटीएस कार्यालय में बुलाकर घंटों पूछताछ की गई। इस पर एटीएस की पहले से नजर थी। आईएस की मौजूदगी और युवाओं के उसके प्रति रुझान की चल रही जांच के दौरान उस पर शक गहराने पर समन जारी किया गया था।
इसके अलावा संस्थान के प्राचार्य को भी समन जारी किया गया था लेकिन व्यक्तिगत कारणों की वजह से वह पेश नहीं हुए। अधिकारी ने बताया कि हम अगली किसी तिथि में उनसे पूछताछ करेंगे। कल्याण, ठाणे और रायगढ़ के करीब 40 लोग युवाओं के बीच आईएस के प्रचार के लिए एटीएस की जांच के दायरे में हैं।
इस साल मई में कल्याण के चार युवक आरिफ मजीद, शहीन टंकी, फहाद शेख और अमन मध्य पूर्व के पवित्र स्थलों की यात्रा पर गए थे लेकिन बाद में वे गायब हो गए। उनके आतंकी संगठन आईएस में शामिल होने का शक जताया गया था। 26 अगस्त को मजीद एक बम धमाके में मारा गया था।
हालांकि अभी इन युवकों और आईएस के संपर्क की पुष्टि होने बाकी है। जांच के दौरान एजेंसी को पता चला कि दो अफगान नागरिक रहमान दौलाती और अहमद रतेब हुसैनजादे कल्याण के युवाओं के बीच आईएस का प्रचार कर रहे हैं। साथ ही जांच में पता चला कि एक फल विक्रेता आदिल डोलारे कल्याण के चार व्यक्तियों का ब्रेनवॉश करने में शामिल रहा है।