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दस्तावेजों के लिए ललित मोदी ने किया शाही परिवार का इस्तेमाल

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इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी के वीजा विवाद मामले में नया मोड़ आ गया है। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ब्रिटेन होम ऑफिस (गृह मंत्रालय) से यात्रा दस्तावेज हासिल करने के लिए मोदी ने ब्रिटिश शाही परिवार के नामों का इस्तेमाल किया। इसमें प्रिंस चार्ल्स और उनके भाई प्रिंस एंड्रयू का नाम भी शामिल है। मोदी की दोनों से मुलाकात भी हुई थी।
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आईपीएल में फिक्सिंग और सट्टेबाजी में फंसने के बाद 49 वर्षीय ललित मोदी 2010 में लंदन चले गए थे। द संडे टाइम्स अखबार के मुताबिक महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के दूसरे नंबर के बेटे एंड्रयू और ललित मोदी कई सालों से एक दूसरे को जानते थे।

पश्चिम लंदन स्थित मोदी के घर पर एंड्रयू ने उनसे मुलाकात की थी। इसके कुछ दिन बाद ही मोदी के यात्रा दस्तावेजों को मंजूरी मिल गई थी।
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चार्ल्स और उनके भाई एंड्रयू से थे संबध

इसके अलावा कीथ वाज ने होम ऑफिस के एक अधिकारी को पत्र लिखकर कहा कि मोदी ने उन्हें बताया है कि वह वीजा के संबंध में चार्ल्स और उनके भाई एंड्रयू से भी मुलाकात की। इस पर दोनों ने मामले में सहायता करने को कहा। इसके बाद 31 जुलाई को वाज के दुबारा से हस्तक्षेप के बाद 24 घंटे के अंदर ही मोदी को यात्रा दस्तावेज मिल गए थे।

उधर, बकिंघम पैलेस ने एंड्रयू और मोदी के बीच मुलाकात के दौरान हुई चर्चा पर कुछ भी कहने से मना किया है। साथ ही इस बात से भी साफ तौर पर इनकार कर दिया कि एंड्रयू ने मोदी को यात्रा दस्तावेज दिलाने के लिए ब्रिटिश सरकार से पैरवी की थी। हाल ही मामले में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की ओर से मोदी की मदद करने के खुलासे से भारत में बवाल मचा हुआ है।
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