देश के नए मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में शुक्रवार को हरि शंकर ब्रह्मा ने कार्यभार संभाल लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि फिलहाल दिल्ली विधान सभा चुनाव को स्वतंत्र और निष्पक्ष कराना उनकी प्राथमिकता है। ब्रह्म का कार्यकाल करीब तीन महीने का होगा।
बृहस्पतिवार को चुनाव आयुक्त से मुख्य निर्वाचन आयुक्त बनाए गए एचएच ब्रह्मा ने शुक्रवार को अपना कार्यभार संभालते हुए कहा कि आज पूरी दुनिया की निगाहें इस बात पर लगी हुई हैं कि आयोग दिल्ली विधान सभा चुनाव किस तरह संचालित करता है। इसलिए पहली प्राथमिकता और उद्देश्य दिल्ली में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराना है।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का लंबी अवधि का कार्यकाल उत्कृष्ट रहा है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर आयोग एनआरआई को मतदान का अधिकार देने के लिए आधार तैयार करेगा। असम के मूल निवासी 64 वर्षीय एचएस ब्रह्मा आंध्र प्रदेश कैडर के 1975 बैच के आईएएस अधिकारी हैं।
25 अगस्त 2010 को चुनाव आयोग में निर्वाचन आयुक्त बनने से पहले ब्रह्मा केंद्र में ऊर्जा सचिव थे। इनका कार्यकाल करीब तीन महीने का होगा, 19 अप्रैल को 65 साल पूरा होने पर वह सेवानिवृत्त हो जाएंगे।