आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल को अब सियासत की मजबूरियां समझ आने लगी हैं। पहले भ्रष्टाचार विरोधी नीतियों को लेकर राजनीति में उतरे केजरीवाल को वोट की खातिर जाने क्या-क्या करना पड़ रहा है।
भाजपा के पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी के खिलाफ बनारस से ताल ठोंक रहे अरविंद केजरीवाल जब वहां पहुंचे, तो सबसे पहले गंगा में स्नान किया, मंदिरों में दर्शन किए, महंतों का आशीर्वाद लिया और शाम की रैली में मौलाना टोपी लगाई।
जाहिर है, राजनीति में यह प्रतीक किस हद तक असरदार हो चुके हैं, यह केजरीवाल की बदलती रणनीति भी बताती है। 'मैं आम आदमी हूं' वाली टोपी पहनने वाले केजरीवाल अब कभी मंदिर जा रहे हैं, कभी टोपी बदल रहे हैं और कभी खुद को बनिया बता रहे हैं।
हरियाणा में खुद को बताया बनिया
जमीन अधिग्रहण का मामला उठाकर किसानों को रिझाने के बाद आम आदमी पार्टी के नेता ने रिटेल में एफडीआई का मामला उठाकर कारोबारी समुदाय को खींचने की कोशिश की।
इसके लिए उन्होंने जनता को याद दिलाया कि वो खुद भी बनिया हैं। उन्होंने कहा कि वो इस मुद्दे को ज्यादा बेहतर तरीके से समझते हैं, क्योंकि वो उनकी जाति से ताल्लुक रखते हैं।
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने चरखी दादरी की अनाज मंडी में कही, "मैं खुद भी बनिया परिवार से आता हूं। मेरे ज्यादातर रिश्तेदार कारोबारी हैं। मैं जानता हूं कि इस देश में कारोबार आसान नहीं है। दसियों लोग आपसे पैसा मांगते हैं।"
रिटेल में एफडीआई का विरोध
जनवरी में दिल्ली की सत्ता में आने के दो हफ्ते बाद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी सरकार ने कांग्रेस सरकार का वो फैसला पलट दिया था, जिसमें मल्टी ब्रांड रिटेल में एफडीआई को इजाजत दी गई थी।
केजरीवाल सरकार का कहना था कि एफडीआई की वजह से रोजगार का संकट खड़ा होता है और दिल्ली एफडीआई के लिए तैयार नहीं है। केजरीवाल ने शुक्रवार को फिर दोहराया कि उन मुल्कों में कारोबारियों पर बुरा असर हुआ है, जहां रिटेल में एफडीआई को इजाजत दी गई।
उन्होंने भाजपा के पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए यह भी कहा कि वो दो सीटों से इसलिए चुनाव लड़ रहे हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि वो किसी एक जगह से हार सकते हैं।
मोदी पर एक बार फिर हमला
अरविंद केजरीवाल ने कहा, "क्या आप सभी ने रिटेल में एफडीआई का विरोध नहीं किया गया था? कांग्रेस को खरीद दिया गया है और भाजपा को भी। इससे पहले भाजपा ने कहा था कि वो रिटेल में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का विरोध करते हैं।"
उन्होंने कहा, "लेकिन हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब मोदीजी से रिटेल में एफडीआई के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, 'आप सभी विदेशी निवेश से क्यों डरते हैं?' दरअसल, सच्चाई यह है कि वॉलमार्ट से दोनों पार्टी की सेटिंग है।"
केजरीवाल ने कहा, "देश में मोदी की कोई लहर नहीं है। अगर मोदी की लहर होती, तो वो दो सीटों से नहीं लड़ते। वो वडोदरा से क्यों लड़ रहे हैं? उन्हें केवल बनारस से लड़ना चाहिए था।"