भाजपा के पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी की पत्नी जसोदाबेन चिमनलाल मोदी (62) ने मेहसाणा जिले के एक छोटे से कस्बे में बुधवार को वोट डाला। मोदी ने वडोदरा के लिए 9 अप्रैल को पर्चा दाखिल कर सार्वजनिक तौर पर पहली बार उन्हें अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया था।
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इस घटनाक्रम के तुरंत बाद जसोदाबेन के परिवार ने कहा था कि वो चार धाम की यात्रा पर निकली हैं और 16 मई को आने वाले चुनावी नतीजों के बाद ही लौट पाएंगी।
मोदी की पत्नी ने नहीं की किसी से बात
लेकिन बुधवार को कुछ ऐसा हुआ, जिसका अंदाजा नहीं था। नारंगी और हरी साड़ी पहने जशोदाबेन पहली बार कैमरे के सामने आईं और 12.39 बजे अपना वोट डाला।
स्कूल से रिटायर जशोदाबेन ने आठ अंगूठियां, सोने की चूड़ियों का एक जोड़ा, चांदी के बिछुए और पाजेब पहनी थी। उनके गले में काला धागा पड़ा था और माथे पर सिंदूर नजर आ रहा था।
उनके साथ आए भाजपा के कार्यकर्ता भी
जशोदाबेन के साथ उनके भाई अशोक मोदी और कुछ भाजपा कार्यकर्ता थे, जिन्होंने चुनावी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते हुए वंदे मातरम, भारत माता की जय और अबकी बार, मोदी सरकार जैसे नारे लगाए।
काली चप्पल पहने जब वो मतदान केंद्र पहुंचीं, तो ऊपर की तरफ नहीं देख रही थीं। वोटिंग के बाद भाई से इशारा मिला, तो उन्होंने हाथ जोड़कर अभिवादन स्वीकार किया और सिर्फ 'वंदे मातरम' कहा।
भाजपा कार्यकर्ता की कार से लौटीं
जशोदाबेन के भाई ने उन्हें भाजपा कार्यकर्ता की स्विफ्ट डिजायर कार की तरफ बढ़ाया। वो उस इनोवा में नहीं बैठीं, जो गांधीनगर में रजिस्टर्ड कैब है और जिसमें पड़ोसियों ने उन्हें सवेरे देखा था।
निगम पार्षद दीपक ओझा और शहर में भाजपा को लोकसभा चुनाव संयोजक अरविंदभाई पटेल का कहना है कि उन्हें जशोदाबेन के पहुंचने से पहले मीडिया को कंट्रोल करने के लिए भेजा गया था।
परिवार को किया गया परेशान?
अरविंदभाई ने बताया, "परिवार ने बताया कि पिछले दस दिन से उन्हें काफी परेशान किया जा रहा था।" अशोक मोदी ने बताया, "मेरी बहन एक करीबी पारिवारिक दोस्त के यहां रह रही हैं। मुझे भी नहीं पता कि वो कहां हैं।"
अशोक ने कहा, "हमें मोदी के बड़े भाई सोमाभाई मोदी ने मीडिया से बातचीत न करने की सलाह दी है। हम केवल 16 मई को नतीजे आने के बाद बोलेंगे। मेरी बहन चाहती हैं कि तब जो भी हमारे घर बधाई देने आए, उसे भोज कराया जाए।"
घर पर अशोक मोदी के बेटे राकेश और बहू दक्षा टीवी पर मतदान की खबरें देख रहे थे। उनकी पत्नी मुस्कुराई, जब रिश्तेदारों ने बताया कि वो उन्हें लाइव टीवी पर देख रहे हैं।
जयाबेन ने बताया, "जशोदाबेन कुछ दिनों के लिए अहमदाबाद में एक रिश्तेदार के यहां ठहरी थीं। बाद में वो एक शादी में शिरकत करने के लिए वडनगर में अपनी बहन के यहां रही थीं। वो कुछ ही दिन पहले आई हैं।"