पाकिस्तान का मानना है कि दोनों देशों के बीच बेहतर संबंधों को लेकर ‘अच्छे दिन आने वाले हैं’। पाकिस्तान ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही गैर भेदभावपूर्ण बाजार को अनुमति मिलने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने एक कार्यक्रम के दौरान भारत को एफएफएन या एनडीएमए का दर्जा देने के सवाल पर कहा, ‘एक बार दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध शुरू होने दीजिए।
हमारे प्रधानमंत्रियों ने मुलाकात की है और सभी मुद्दों पर बात हुई है। उम्मीद है कि समय के साथ-साथ चीजें आगे बढ़ेंगी।’
फैशन प्रदर्शनी ‘आलीशान पाकिस्तान’ को मंजूरी
दूसरे पाकिस्तान लाइफ स्टाइल प्रदर्शनी ‘आलीशान पाकिस्तान’ की शुरुआत के मौके पर उन्होंने कहा कि दोनों ही देशों के लोगों ने अपने-अपने नेताओं को पूरा समर्थन दिया है ताकि भारत-पाक रिश्ते सुधर सकें।
उन्होंने कहा, ‘मुझे बिल्कुल भी शक नहीं है कि अच्छे दिन आ रहे हैं।’ इसी नारे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावी प्रचार के दौरान उपयोग किया था।
उधर, वाणिज्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव अरविंद मेहता ने कहा कि दोनों ही तरफ की सरकारें द्विपक्षीय व्यापार को लेकर बात कर रही हैं।
1209 समान हटेंगे नाकारात्मक सूची से
अपने देश में विरोध के चलते पाकिस्तान ने फिलहाल भारत को एनडीएमए का दर्जा देने के फैसले पर रोक लगा दी है। पिछले साल एलओसी पर हिंसक घटनाओं के चलते द्विपक्षीय व्यापार पर रोक लगा दी गई थी।
बासित ने यह भी कहा कि दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने बैठक के दौरान शांति और विकास के मुद्दे पर चर्चा की। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विकरण के दौर में दक्षिण एशिया अभी भी पुराने ढर्रे पर चल रहा है।
भारत के साथ व्यापारिक संबंध स्थापित करने के लिए पाकिस्तान को 1209 सामानों को नकारात्मक सूची से हटाना होगा। 2012-13 में दोनों देशों के बीच 2.6 बिलियन डॉलर का व्यापार हुआ था।
बासित ने कहा कि विकास से ही भारत और पाकिस्तान में गरीबी और अशिक्षा को हटाया जा सकता है।