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इंदिरा आवास योजना का नाम बदलने की तैयारी

Fri, 18 Jul 2014 07:22 AM IST
हिमांशु मिश्र/अमर उजाला, नई दिल्ली
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आम बजट के जरिए केंद्रीय योजनाओं में नेहरू-गांधी युग को खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ने का संकेत कर चुकी मोदी सरकार ने अब इस दिशा में कदम बढ़ाना शुरू कर दिया है।
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बजट में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना का नाम दीन दयाल ग्राम ज्योति योजना कर इस अभियान की शुरुआत कर चुकी सरकार की निगाहें अब बहुचर्चित इंदिरा आवास योजना (आईएवाई) योजना पर है।

सरकार की योजना आईएवाई की जगह ग्रामीण क्षेत्रों में नई आवास योजना शुरू करने की है। नई योजना दक्षिणपंथी राजनीति को रास आने वाले किसी बड़ी शख्सियत के नाम से होगी। इसके तहत सरकार दो से तीन लाख रुपये में सबके लिए मकान मिशन के तहत पक्का मकान निर्माण योजना शुरू करेगी।
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राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना का बदल चुका है नाम

सरकार की रणनीति आईएवाई योजना के तहत मिलने वाली राशि में कुछ और रकम जोड़ने और शेष राशि हाउसिंग बैंक योजना के तहत ब्याज रहित या मामूली ब्याज दर पर बीपीएल परिवारों को ऋण उपलब्ध कराने की है।

बीते 10 जुलाई को पेश बजट में सरकार ने केंद्रीय योजनाओं से नेहरू-गांधी परिवार के लोगों से परहेज बरतने का सिलसिला शुरू करते हुए संघ की विचारधारा को रास आने वाली शख्सियतों के नाम पर कई योजनाएं शुरू करने की घोषणा की थी।

आम बजट में ग्रामीण क्षेत्र में विद्युतीकरण संबंधी राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण का नाम बदल कर सरकार ने दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना कर दिया है। इस योजना के लिए 500 करोड़ रुपये का बजटीय आवंटन किया गया है।
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योजना को दिया जाएगा नया स्वरूप

जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर रुर्बन मिशन योजना शुरू करने की घोषणा की गई है। इस नई योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में शहर की तरह सुविधा उपलब्ध कराने की कार्ययोजना तैयार की गई है।

इसी प्रकार कांग्रेस के अध्यक्ष रहे पंडित मदन मोहन मालवीय के नाम से प्राथमिक शिक्षा से जुड़े शिक्षकों को नया प्रशिक्षण और इसके लिए उपकरण उपलब्ध कराने के लिए 500 करोड़ की मालवीय नव अध्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की गई है।

जबकि आपातकाल के खिलाफ संपूर्ण क्रांति के प्रणेता रहे जेपी के नाम पर भोपाल में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस संस्थान की स्थापना की घोषणा की गई है। इसी तरह देश के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा निर्माण की योजना में केंद्र सरकार की 200 करोड़ की आर्थिक मदद की घोषणा की जा चुकी है।
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