सरकारी कंपनी तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) का कहना है कि सरकार को कंपनी में 3 अरब डॉलर की हिस्सेदारी बेचने से पहले ईंधन सब्सिडी भागीदारी व प्राकृतिक गैस का मूल्य निर्धारण जैसे महत्वपूर्ण मसलों का समाधान करना चाहिए।
सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2014-15 में ओएनजीसी में अपने 42.77 करोड़ शेयर या 5 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की योजना बनाई है। मौजूदा बाजार मूल्य पर सरकार को इससे 17,400 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति हो सकती है। नई सरकार द्वारा पहला विनिवेश बजट घाटे को कम करने की उसकी योजना का हिस्सा है।