इराक और सीरिया में अपनी जडे़ं जमा चुके बर्बर आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के लिए एजेंट के तौर पर काम करने वाली पहली भारतीय महिला का पता चला है।
यूएई की ओर से भारत डिपोर्ट किए जाने के बाद महिला को हैदराबाद से गिरफ्तार किया गया। यह महिला आईएस के लिए आतंकियों की ऑनलाइन भर्ती करती थी। सूत्रों के मुताबिक, महिला की पहचान अशफा जबीन के तौर पर हुई है, जो निकोल जोसेफ के नाम से भी चर्चित है। सरकार के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, आईएस के लिए ऑनलाइन भर्ती करने वाली इस महिला को उसके पति और तीन बेटियों के साथ बृहस्पतिवार रात को दुबई से भारत डिपोर्ट किया गया।
उसके पति की पहचान देवेंद्र बत्रा के रूप में हुई है, जिसे ‘मुस्तफा’ के नाम से जाना जाता है। भारत पहुंचने के बाद महिला को साइबराबाद पुलिस ने शुक्रवार को राजीव गांधी एयरपोर्ट पर पकड़ा। फिलहाल गिरफ्तार जबीन से खुफिया एजेंसियां गहन पूछताछ कर रही हैं।
एजेंसियां उससे जानने की कोशिश कर रही हैं कि उसने भारत के और किन हिस्सों में युवाओं को आईएस से जुड़ने केे लिए प्रेरित किया और भारत में कौन लोग हैं जो आईएस के लिए काम कर रहे हैं।