इंडोनेशिया में अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन की गिरफ्तारी के बाद भारत ने उसके प्रत्यर्पण के लिए ठोस रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है। इस सिलसिले में जहां विदेश मंत्रालय कूटनीति स्तर पर पहल कर रहा है, वहीं गृह मंत्रालय ने विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय का जिम्मा संभाल लिया है।
मंगलवार को सीबीआई निदेशक अनिल सिन्हा ने छोटा राजन के प्रत्यर्पण के सिलसिले में एक उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में राजन के प्रत्यर्पण का तानाबाना बुना गया। प्रत्यर्पण से बचने के लिए छोटा राजन जिंबाब्वे जाने की कोशिशों में जुटा है, मगर भारतीय एजेंसियों का मानना है कि वह अपनी इस कोशिश में कामयाब नहीं हो पाएगा।
दरअसल उसकी गिरफ्तारी भारत के अनुरोध पर इंटरपोल के वारंट पर हुई है। इसके अलावा भारत के पास उसके खिलाफ कई अहम दस्तावेजी सबूत भी हैं। इस बीच गृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि छोटा राजन के बाद अब अगली बारी दाऊद इब्राहिम की है। उन्होंने कहा कि राजन का प्रत्यर्पण तय है, जल्द ही यहां लाकर उसका सामना कानून से कराया जाएगा।