सुरक्षा एजेंसियां हैदराबाद में दो धमाकों के बाद शुक्रवार को सुरागों की तलाश में जुटी रहीं। जांच एजेंसियों को कुछ निश्चित सुराग मिल रहे हैं।
बम में इस्तेमाल आइईडी की अब तक की जांच से शक की सूई बार-बार इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) की तरफ घूम रही है। साथ ही दिलसुखनगर के भीड़ वाले इस इलाके में लगे एक सीसीटीवी से भी तस्वीरें साफ होने के आसार दिख रहे हैं।
एजेंसियों ने इस बात से इनकार कर दिया है कि तार कटे होने की वजह से सीसीटीवी काम नहीं कर रहा था। इस बीच, तीन घायलों के दम तोड़ने के बाद इस आतंकी हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है, जबकि 119 लोग घायल हैं।
धमाके की जांच कर रही हैदराबाद पुलिस और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की संयुक्त टीम आईएम के गिरफ्तार लोगों से पूछताछ कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक इस सिलसिले में शुक्रवार को तिहाड़ में बंद आईएम के आतंकी सैयद मकबूल और एक अन्य आतंकी से पूछताछ की गई। पिछले साल अक्तूबर में गिरफ्तार मकबूल ने दिल्ली पुलिस को पूछताछ में बताया था कि हैदराबाद में धमाके करने की साजिश है, जिसके लिए रेकी की जा चुकी है।
खुफिया एजेंसी आईबी और एनएसजी भी जांच में जुटी है। गृह मंत्रालय का कहना है कि जांच की सही दिशा दो से तीन दिन बाद ही तय हो पाएगी। वहीं, जांच में शामिल एक अधिकारी ने बताया कि धमाकों में इस्तेमाल आईईडी उसी तरह की हैं जो गोकुल चाट और लुंबनी पार्क के धमाकों में प्रयोग की गई थीं।
यह तकनीकी तौर पर उन्नत किस्म की आईईडी है। शुरुआती जांच में बम में अमोनियम नाइट्रेट के इस्तेमाल के संकेत मिले हैं। सूत्रों के मुताबिक यह सभी सुराग इंडियन मुजाहिदीन की तरफ ही इशारा कर रहे हैं।
वहीं, खुफिया रिपोर्ट होने के बावजूद धमाके हो जाने को लेकर केंद्र सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई है। शुक्रवार को संसद के दोनों सदनों में धमाके पर गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे के बयान को विपक्ष ने सिरे से नकार दिया। हालांकि सुबह ही हैदराबाद में घटनास्थल का दौरा करके लौटे शिंदे ने विपक्ष को भरोसा दिलाया कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक संसद हमले के दोषी अफजल गुरू की फांसी के बाद से ही धमाके की साजिश की खुफिया जानकारी एजेंसियों को मिलने लगी थी। इसी के आधार पर बृहस्पतिबार सुबह ही हैदराबाद, कोयंबटूर, बंगलूरू और हुबली को संभावित हमलों के प्रति आगाह किया गया था। हालांकि गृह मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि खुफिया जानकारी संकेतों में मिलती है। इतनी खास जानकारी कभी नहीं होती कि घटना सीधे जा कर रोक ली जाए।
500 सुरक्षा कर्मी भेजे हैदराबाद
केंद्र सरकार ने हैदराबाद में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए केंद्रीय बलों के 500 कर्मियों को वहां रवाना किया है।
आजमगढ़ कनेक्शन नहीं
विस्फोट के तार यूपी के आजमगढ़ से जुड़ रहे हैं। इस तरह की खबरों के बाद शुक्रवार को नोएडा आए एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अरुण कुमार ने बताया कि अभी तक इसके तार आजमगढ़ से जुड़ने की कोई सूचना हमारे पास नहीं है। हैदराबाद पुलिस ने यूपी पुलिस से कोई संपर्क नहीं किया है। न ही एटीएस यूपी इस प्रकरण में जांच के लिए आजमगढ़ गई है।
दिल्ली में बम की अफवाह
बम रखे होने की फर्जी सूचनाओं ने शुक्रवार को दिल्ली पुलिस को परेशान कर दिया। दिन भर में करीब आधा दर्जन फर्जी कॉल आईं। इनमें कुछ सूचनाओं को गंभीरता से लिया गया। आंध्र भवन के पास लावारिस अटैची की सूचना पाकर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। अटैची में सिर्फ कुछ कपड़े थे।