संघ लोक सेवा आयोग तथा राज्य लोक सेवा आयोग की भर्ती परीक्षाओं में हिन्दी के बढ़ते प्रभाव का असर यूजीसी-नेट पर भी है। दिसंबर में होने वाली यूजीसी की इस परीक्षा में हिन्दी के साथ संस्कृत भी हॉट सब्जेक्ट के रूप में सामने आया है।
तुलनात्मक रूप से कहें तो बीते दो वर्षों में ही दोनों विषयों में अभ्यर्थियों की संख्या डेढ़ गुना तक बढ़ गई है। आवेदकों की संख्या के लिहाज से हिन्दी ने इतिहास को न सिर्फ पीछे छोड़ दिया बल्कि पहले पायदान पर भी है। वहीं संस्कृत के आवेदकों की संख्या भी दो हजार पार कर गई है।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी तथा लोअर सबऑर्डिनेट भर्ती परीक्षा में तो हिन्दी का ही पेपर निर्णायक हो गया। इसका असर यूजीसी नेट पर साफ दीखता है।